नई दिल्ली: 1 मई से देशभर में 19 किलो के वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमत में भारी बढ़ोतरी कर दी गई है। तेल विपणन कंपनियों ने दिल्ली में इसकी कीमत ₹2,078.50 से बढ़ाकर ₹3,071.50 कर दी है। यानी एक सिलेंडर पर ₹993 का सीधा इजाफा हुआ है। यह इस साल की तीसरी बड़ी बढ़ोतरी है। मार्च और अप्रैल में भी क्रमशः सैकड़ों रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है।
ईरान-अमेरिका युद्ध
यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से पश्चिम एशिया (ईरान-अमेरिका/इजरायल) के तनाव के कारण हुई है। हार्मुज स्ट्रेट पर आपूर्ति बाधित होने और सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस में तेज उछाल से वैश्विक एलपीजी कीमतें प्रभावित हुई हैं। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय कीमतों का असर घरेलू बाजार पर पड़ रहा है।
घरेलू LPG की कीमतें स्थिर
घरेलू उपभोक्ताओं को राहत सरकार ने आम घरों में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलो के घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत को पूरी तरह स्थिर रखा है। यह अभी भी सब्सिडी के साथ ₹913 के आसपास ही है। लगभग 33 करोड़ घरेलू उपभोक्ताओं को किसी भी तरह का बोझ नहीं पड़ेगा। पेट्रोल और डीजल की कीमतें भी सामान्य उपभोक्ताओं के लिए अपरिवर्तित रखी गई हैं।
उड़ानों पर भी असर
विमान ईंधन (ATF) की कीमतों में भी कुछ बढ़ोतरी हुई है, लेकिन घरेलू उड़ानों के लिए इसे सीमित रखा गया है। अंतरराष्ट्रीय और चार्टर उड़ानों पर इसका असर ज्यादा पड़ सकता है, जिससे हवाई किराए पर दबाव बढ़ सकता है।
किसे पड़ेगा असर?
वाणिज्यिक LPG मुख्य रूप से होटल, रेस्तरां, ढाबे, बेकरी और छोटे खाद्य व्यवसायों द्वारा इस्तेमाल होता है। इस बढ़ोतरी से इन व्यवसायों का खर्च बढ़ेगा। विशेषज्ञों का अनुमान है कि चाय, नाश्ता, भोजन आदि की कीमतें थोड़ी बढ़ सकती हैं। सड़क किनारे के छोटे विक्रेता और मध्यम वर्गीय रेस्तरां सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। कुल मिलाकर वाणिज्यिक LPG का कुल LPG खपत में हिस्सा 10% से भी कम है, इसलिए इसका व्यापक मुद्रास्फीति पर सीमित असर रहने की उम्मीद है।
यह फैसला ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक बाजार की वास्तविकता के बीच संतुलन बनाने का प्रयास दिखाता है। आम आदमी के लिए राहत भले बरकरार हो, लेकिन छोटे व्यवसायियों को लागत प्रबंधन की चुनौती बढ़ गई है।