जयशंकर ने ऊर्जा बाजारों को खुला रखने के लिए की अपील, जहाजों पर हमले को बताया अस्वीकार्य

नई दिल्ली: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों को खुला और स्थिर बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि वैश्विक विकास के लिए ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं का निर्बाध रहना जरूरी है। जयशंकर ने कहा कि ऊर्जा बाजारों का खुला रहना वैश्विक विकास और आर्थिक स्थिरता के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने ऊर्जा आपूर्ति में किसी भी तरह के व्यवधान को गंभीर चिंता का विषय बताया।

होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा चिंता

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में संभावित व्यवधानों के बीच जयशंकर ने व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जहाजों पर हमले “पूरी तरह अस्वीकार्य” हैं और इससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ सकता है।

AZEC प्लस बैठक में भारत का पक्ष

जयशंकर ने जापान में आयोजित एशिया जीरो-एमिशन कम्युनिटी (AZEC) प्लस बैठक में डिजिटल माध्यम से भारत का पक्ष रखा। बैठक की अध्यक्षता जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने की। इस बैठक में ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर सहित AZEC के 11 सदस्य देशों और भारत, बांग्लादेश व दक्षिण कोरिया जैसे साझेदार देशों ने भाग लिया।

जापान की नई ऊर्जा पहल

बैठक में जापान नेपार्टनरशिप ऑन वाइड एनर्जी एन्ड रिसोर्सेस रिज़िलीअन्स (POWER Asia)’ नामक नई पहल की घोषणा की। इसके तहत लगभग 10 अरब अमेरिकी डॉलर की वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसका उद्देश्य ऊर्जा आपूर्ति प्रणालियों को मजबूत करना, ईंधन स्रोतों में विविधता लाना और आपूर्ति शृंखला को अधिक सुरक्षित बनाना है।

भारत का रुख

जयशंकर ने कहा कि भारत एक प्रमुख ऊर्जा उपभोक्ता देश होने के नाते समान विचारधारा वाले देशों के साथ मिलकर आपूर्ति शृंखला को मजबूत करने और ऊर्जा बाजारों को स्थिर रखने के लिए काम करेगा।

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