(नई दिल्ली): भारत ने चक्रवात ‘दित्वा’ से प्रभावित श्रीलंका की सहायता के लिए ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के तहत भारतीय वायुसेना (IAF) के दो परिवहन विमान सी-130 और आईएल-76 तैनात किए हैं। इस अभियान के अंतर्गत राहत सामग्री के साथ अर्धसैनिक बलों के कर्मियों को भी भेजा गया है।
वायुसेना ने तुरंत शुरू किया राहत अभियान
भारतीय वायुसेना ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बताया कि ऑपरेशन सागर बंधु के तहत 28/29 नवंबर की रात हिंडन एयरबेस से एक सी-130 और एक आईएल-76 विमान श्रीलंका के कोलंबो के लिए रवाना किए गए। इन विमानों में 21 टन राहत सामग्री, आठ टन उपकरण और 80 से अधिक एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) कर्मी सवार थे। वायुसेना ने कहा कि प्रभावित समुदायों को राशन और अन्य आवश्यक सामग्री तुरंत पहुंचाई गई और भारत इस कठिन समय में श्रीलंका के साथ मजबूती से खड़ा है।
विदेश मंत्री ने दी जानकारी
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी शनिवार को ‘एक्स’ पर राहत अभियान की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि भारतीय वायुसेना का एक और आईएल-76 विमान नौ टन राहत सामग्री और 80 एनडीआरएफ कर्मियों वाली शहरी खोज एवं बचाव टीम लेकर कोलंबो पहुंचा। उन्होंने कहा कि अब तक वायु और समुद्र मार्ग से लगभग 27 टन राहत सामग्री श्रीलंका भेजी जा चुकी है और सहायता का काम जारी है।
भारतीय नौसेना ने भी सहायता भेजी
‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के तहत राहत सामग्री की पहली खेप भारतीय नौसेना के विमानवाहक पोत ‘आईएनएस विक्रांत’ और युद्धपोत ‘आईएनएस उदयगिरि’ के माध्यम से श्रीलंका भेजी गई थी। श्रीलंकाई अधिकारियों के अनुसार बाढ़ और भूस्खलन के कारण अब तक 50 से अधिक लोगों की जान चली गई है। लगभग 12,313 परिवारों के 43,900 लोग खराब मौसम और आपदा से प्रभावित हुए हैं।
भारत की मानवीय सहायता का संदेश
वायुसेना और नौसेना के माध्यम से यह राहत अभियान भारत की ‘पड़ोसी पहले’ की नीति और मानवीय सहायता के प्रयासों का उदाहरण है। अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन सागर बंधु के तहत आवश्यक सामग्री और राहत टीमों का प्रयास जारी रहेगा ताकि प्रभावित लोगों तक समय पर मदद पहुंच सके।