(नई दिल्ली): चक्रवात ‘डिटवा’ से प्रभावित श्रीलंका की मदद के लिए भारत ने शुक्रवार को राहत सामग्री की पहली खेप भेजी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत अपने “निकटतम समुद्री पड़ोसी” श्रीलंका के साथ पूरी एकजुटता से खड़ा है और परिस्थिति की गंभीरता को देखते हुए और अधिक सहायता देने के लिए तैयार है।
INS विक्रांत और INS उदयगिरि ने पहुंचाई पहली राहत सामग्री
भारत ने संकट की घड़ी में श्रीलंका की मदद के लिए ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ शुरू किया है। राहत की पहली खेप भारतीय नौसेना के विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत और अग्रिम पंक्ति के युद्धपोत आईएनएस उदयगिरि द्वारा कोलंबो पहुंचाई गई।
पीएम मोदी ने जताई संवेदना
श्रीलंका में चक्रवात के कारण आई बाढ़ और भूस्खलन से अब तक कम से कम 56 लोगों की मौत हो चुकी है। श्रीलंकाई अधिकारियों के अनुसार, कड़ी मौसम स्थितियों से 12,313 परिवारों के 43,900 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा चक्रवात डिटवा में अपने प्रियजनों को खोने वालों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना है। मैं सभी प्रभावित परिवारों की सुरक्षा और शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। उन्होंने आगे कहा भारत ने ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के तहत तत्काल मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) भेजी है। हालात को देखते हुए हम और अधिक मदद देने के लिए भी पूरी तरह तैयार हैं। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारत की ‘पड़ोसी प्रथम नीति’ और ‘विजन SAGAR’ (Security and Growth for All in the Region) की भावना से प्रेरित होकर भारत हर कठिन समय में श्रीलंका के साथ खड़ा है।
एस.जयशंकर ने की अभियान की पुष्टि
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अलग बयान में कहा कि ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ आधिकारिक रूप से शुरू हो चुका है।
“आईएनएस विक्रांत और आईएनएस उदयगिरि ने कोलंबो में राहत सामग्री सौंप दी है। आगे के कदम उठाए जा रहे हैं,” उन्होंने कहा।