अयोध्या (उत्तर प्रदेश): अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर के समस्त निर्माण कार्य पूरे हो गए हैं। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सोमवार को यह घोषणा की है। ट्रस्ट ने कहा कि अयोध्या में श्री राम मंदिर निर्माण से संबंधित सभी प्रमुख कार्य पूरे हो गए हैं। ट्रस्ट ने यह जानकारी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (X) पर साझा की।
ध्वजदंड और कलश भी स्थापित
ट्रस्ट ने पोस्ट में लिखा, “सभी श्रीराम भक्तों को यह सूचित करते हुए हमें हर्ष हो रहा है कि मंदिर निर्माण से संबंधित सभी कार्य पूर्ण हो गए हैं।” ट्रस्ट के अनुसार, मुख्य मंदिर के साथ-साथ परकोटा के छह मंदिरों भगवान शिव, गणेश, हनुमान, सूर्यदेव, देवी भगवती, देवी अन्नपूर्णा तथा शेषावतार मंदिर का निर्माण भी पूरा हो चुका है। इन सभी मंदिरों पर ध्वजदंड और कलश स्थापित किए जा चुके हैं।
इसके अलावा, सप्त मंडप परिसर जिसमें महर्षि वाल्मीकि, वशिष्ठ, विश्वामित्र, अगस्त्य, निषादराज, शबरी और ऋषि पत्नी अहल्या को समर्पित मंदिर का निर्माण भी पूर्ण हो गया है।
संत तुलसीदास का भी बना मंदिर
ट्रस्ट ने बताया कि संत तुलसीदास मंदिर भी बनकर तैयार हो चुका है, जबकि जटायु और गिलहरी की प्रतीकात्मक प्रतिमाएँ भी स्थापित की जा चुकी हैं। पोस्ट में कहा गया कि दर्शनार्थियों की सुविधा और व्यवस्थाओं से जुड़ी सभी परियोजनाएँ भी पूरी कर ली गई हैं। इसमें सड़क निर्माण, फर्श पर पत्थर बिछाने, भूमि सौंदर्यीकरण, हरियाली और लैंडस्केपिंग जैसे कार्य शामिल हैं। साथ ही, लगभग 10 एकड़ क्षेत्र में पंचवटी क्षेत्र का निर्माण तीव्र गति से जारी है।
मंदिर के अतिरिक्त ये निर्माण अभी बाकी
ट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि अब केवल वे निर्माण कार्य शेष हैं जिनका सीधा संबंध श्रद्धालुओं से नहीं है, जैसे 3.5 किलोमीटर लंबी चारदीवारी, ट्रस्ट कार्यालय, अतिथि गृह और सभागार का निर्माण कार्य बाकी है। ट्रस्ट ने कहा कि मंदिर परिसर के सभी धार्मिक और स्थापत्य कार्य समय पर पूरे किए जा चुके हैं, और अब परिसर को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया जारी है।