छठ महापर्व के तीसरा दिन डूबते सूर्य को दिया संध्या अर्घ्य, लाखों व्रतियों ने लगाई पवित्र डुबकी

Chhath Puja

नई दिल्ली/पटना: छठ महापर्व के तीसरे दिन सोमवार को दिल्ली, बिहार से लेकर देश के अन्य राज्यों में छठ व्रतियों ने डूबते सूर्य को संध्या अर्घ्य अर्पित किया। पूरे देश में छठ महापर्व का तीसरा दिन धूमधाम से मनाया जा रहा है। आज संध्या अर्घ्य के अवसर पर लाखों व्रती महिलाएं नदियों, तालाबों और घाटों पर एकत्रित होकर डूबते सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित कर रही हैं। यह पर्व का सबसे महत्वपूर्ण और कठिन चरण माना जाता है, जहां निर्जला व्रत रखने वाली महिलाएं कमर तक जल में खड़ी होकर सूर्य उपासना करती हैं।

क्या है पूजा का विधान

पंचांग के अनुसार, आज शष्ठी तिथि का प्रारंभ सुबह 6:04 बजे हुआ और कल सुबह 7:59 बजे तक रहेगी। सूर्यास्त का शुभ मुहूर्त शाम 5:15 से 5:45 बजे के बीच है, जिसमें अधिकांश स्थानों पर सूर्यास्त 5:40 बजे हो रहा है। गंगा, सोन, कोसी जैसे पवित्र घाटों पर भारी भीड़ उमड़ी है। व्रतियों ने बांस के सूप में ठेकुआ, फल, गन्ना, केला और सुपारी जैसे प्रसाद सजाकर सूर्य को अर्घ्य चढ़ाया। पुरुष परिवारजन दूध, जल और फूलों से सूर्य को स्नान कराते हुए मंत्रोच्चार कर रहे हैं।

पटना में भारी भीड़

बिहार की राजधानी पटना के दीघा घाट पर हजारों महिलाओं ने सुबह से ही तैयारी शुरू कर दी थी। एक व्रती ने कहा, “यह अर्घ्य परिवार की सुख-समृद्धि के लिए है। छठी मां की कृपा से सभी रोग दूर होते हैं।” इसी तरह दिल्ली के यमुना घाट और झारखंड के रांची में भी उत्साह चरम पर है। सभी घाटों पर प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं, जिसमें ड्रोन से निगरानी और मेडिकल टीम तैनात हैं। हालांकि, कुछ घाटों पर भीड़ प्रबंधन की चुनौती बनी हुई है।

हरित छठ का संदेश

छठ पूजा पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देती है। इस बार ‘हरित छठ’ अभियान के तहत प्लास्टिक मुक्त घाट बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ट्वीट कर व्रतियों को बधाई दी और सूर्य उपासना की शुभकामनाएं दीं। मंगलवार को उषा अर्घ्य के साथ यह पर्व समाप्त होगा। यह पर्व प्राचीन काल से चली आ रही सूर्य-षष्ठी पूजा का प्रतीक है, जो स्वास्थ्य, उर्वरता और समृद्धि की कामना करता है। लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का यह संगम न केवल धार्मिक, बल्कि सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक बन गया है।

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