Himachal rain and landslide:(शिमला): हिमाचल प्रदेश में मानसून की तेज बारिश से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। कुल्लू जिले में सोमवार को एक पिकअप ट्रक पर चट्टान गिरने से उसका चालक और एक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा लुहरी-जाजर सड़क पर कानी नाले के पास तब हुआ जब ट्रक डेयरी किसानों से दूध खरीदकर वापस लौट रहा था। घायलों की पहचान विक्रांत और राजेश के रूप में हुई है। उन्हें रामपुर के पास खनेरी के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
भारी बारिश के कारण 435 सड़कें बंद
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के चलते अब तक कुल 435 सड़कें बंद हो चुकी हैं। इनमें से 260 सड़कें मंडी जिले की हैं, जो बारिश और भूस्खलन से सबसे अधिक प्रभावित है। मंडी जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग 21 (मंडी-कुल्लू मार्ग) और राष्ट्रीय राजमार्ग 154 (मंडी-पठानकोट मार्ग) भी अवरुद्ध हैं। इसके अलावा सिरमौर जिले में शिलिया के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 707 (हटकोटी से पावंटा साहिब मार्ग) भी बंद है, जिससे क्षेत्रीय संपर्क बाधित हो गया है।
बिजली और जलापूर्ति पर भी पड़ा असर
एसईओसी ने बताया कि राज्य में बारिश के कारण 534 बिजली वितरण ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं, जिससे कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है। साथ ही, 197 जलापूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं, जिससे पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनरुद्धार कार्यों को तेजी से शुरू कर दिया है।
बारिश का व्यापक प्रभाव और नुकसान
राज्य के कई इलाकों में सोमवार शाम से मध्यम से भारी बारिश हुई। प्रमुख स्थानों पर हुई वर्षा की मात्रा इस प्रकार रही: अंब में 94.2 मिमी, भरारी 67.8 मिमी, बर्थिन 58.2 मिमी, स्लैपर 51 मिमी, नादौन 48.5 मिमी, जोगिंदरनगर 48 मिमी, अघार 46.2 मिमी, कसौली 44 मिमी, देहरा गोपीपुर 43 मिमी, घाघस 42.6 मिमी, मुरारी देवी 42 मिमी और मलरांव 41 मिमी।
20 जून से मानसून के आगमन के बाद से अब तक राज्य में बारिश से संबंधित घटनाओं में 74 लोगों की मौत हो चुकी है और 34 लोग लापता हैं। मानसून के दौरान अब तक 36 बार अचानक बाढ़, 23 बार बादल फटने और 24 बार भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं, जिससे लगभग 1,246 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है।
प्रशासन की अपील
राज्य प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और भूस्खलन तथा बाढ़ वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। मौसम विभाग की ओर से जारी चेतावनियों का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।