मनोहर लाल ने भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट 2026 में हुए शामिल, वैश्विक ऊर्जा चुनौतियों पर की चर्चा

भारत की नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में हासिल उपलब्धियों और भविष्य की संभावनाओं को लेकर भारत मंडपम में आयोजित भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट 2026 में चर्चा हुई। इस सम्मेलन में मनोहर लाल ने मंत्री स्तरीय पूर्ण सत्र में हिस्सा लिया। उन्होंने ‘द नेक्स्ट टेरावाट: फ्रॉम नेशनल सक्सेसेज टू ग्लोबल सॉल्यूशंस’ विषय पर भारत की उपलब्धियों, दुनिया में ऊर्जा की बदलती जरूरतों और आने वाले दशक की चुनौतियों पर अपने विचार रखे।

मनोहर लाल ने कहा कि भारत ने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में जो अनुभव, नवाचार और उपलब्धियां हासिल की हैं, उन्हें अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए दुनिया के दूसरे देशों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाना चाहिए। इससे वैश्विक स्तर पर ऊर्जा से जुड़ी चुनौतियों के समाधान तलाशने में मदद मिल सकती है।

राजस्थान और ओडिशा में निवेश के नए अवसर

सम्मेलन के दौरान आयोजित संवादात्मक परिचर्चा में राजस्थान और ओडिशा में नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इसमें निवेश को बढ़ावा देने के लिए जरूरी नीतिगत प्रोत्साहनों और अनुकूल माहौल तैयार करने के मुद्दे पर विचार साझा किए गए। इसके अलावा जिम्बाब्वे की ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी प्राथमिकताओं और भारत की ऊर्जा भंडारण पहलों पर भी चर्चा हुई। परिचर्चा में अलग-अलग देशों की ऊर्जा जरूरतों और इस क्षेत्र में आपसी सहयोग की संभावनाओं को लेकर विचार-विमर्श किया गया।

तकनीक और विशेषज्ञता के आदान-प्रदान पर फोकस

मनोहर लाल ने बताया कि परिचर्चा में प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, विशेषज्ञता के आदान-प्रदान और वैश्विक साझेदारियों को मजबूत बनाने पर विशेष चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि भारत का प्रयास है कि देश में विकसित तकनीक, अनुभव और नवाचारों को अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से वैश्विक समाधानों में बदला जाए। सम्मेलन में राष्ट्रीय स्तर पर हासिल उपलब्धियों को दूसरे देशों के साथ साझा करने और ऊर्जा क्षेत्र में मिलकर काम करने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया। इसमें निवेश, तकनीक और ऊर्जा भंडारण को लेकर अलग-अलग पहलुओं पर चर्चा हुई।

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