वाराणसी: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में आयोजित शिक्षक-स्नातक सम्मेलन में समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सपा के पीडीए फॉर्मूले, राज्यसभा के टिकट वितरण और पूर्ववर्ती सरकार में सरकारी भर्तियों को लेकर सवाल उठाए। योगी ने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान भर्ती प्रक्रिया में धांधली होती थी और सैफई सिंडिकेट के बाहर के युवाओं को नौकरी नहीं मिलती थी। इस दौरान उन्होंने अगले छह महीने में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र देने का ऐलान भी किया।
राज्यसभा टिकटों को लेकर सपा पर तंज
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा के पीडीए फॉर्मूले पर सवाल उठाते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के नेता पीडीए की बात करते हैं, लेकिन राज्यसभा के टिकट बांटते समय यह फॉर्मूला कहां चला गया? उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सपा के पीडीए का मतलब ‘परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी’ या फिर ‘पराया धन अपना’ है।
योगी ने कहा कि सपा ने दो प्रत्याशी बनाए। इनमें एक टिकट अपने चाचा को दिया, जबकि दूसरी सीट मुंबई के एक धन्नासेठ को दे दी। उन्होंने कहा कि काशी, गाजीपुर या बलिया के किसी यादव को उम्मीदवार बनाया जा सकता था। दूसरी सीट पर किसी दलित या मुस्लिम उम्मीदवार को भी मौका दिया जा सकता था। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि टिकट वितरण से सपा की परिवार केंद्रित राजनीति सामने आती है।
सपा सरकार की भर्ती व्यवस्था पर उठाए सवाल
योगी आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती सपा सरकार में भर्ती आयोग के अध्यक्ष रहे अनिल यादव का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि वह इस पद के योग्य नहीं थे। उन्होंने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की एक परीक्षा का उदाहरण देते हुए दावा किया कि उस समय हाईस्कूल, इंटरमीडिएट और स्नातक में तीसरी श्रेणी से पास एक व्यक्ति को परीक्षा में शीर्ष स्थान दिलाया गया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय प्रदेश में अराजकता और गुंडागर्दी का माहौल था। दंगे, उपद्रव और माफिया का प्रभाव बना हुआ था, जबकि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया में खानदान के लोगों को बैठाया जाता था और चाचा-भतीजे की जोड़ी वसूली के लिए निकलती थी। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि सपा सरकार में सैफई सिंडिकेट के बाहर किसी को नौकरी नहीं मिलती थी।
छह महीने में एक लाख युवाओं को मिलेंगे नियुक्ति पत्र
मुख्यमंत्री ने भाजपा की डबल इंजन सरकार के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश के साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जब उनसे नियुक्ति पत्र बांटने की अगली तारीख के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने अगले छह महीने में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र देने की बात कही।
योगी ने रोजगार के मुद्दे पर अपनी सरकार के प्रयासों का जिक्र करते हुए सपा सरकार की भर्ती व्यवस्था पर निशाना साधा। इससे पहले उन्होंने कांग्रेस पर भी हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि अगर इसी तरह काम करते रहे, तो जो कुछ भी बचा है, वह भी गंवाना पड़ेगा।