BRICS SUMMIT में जयशंकर ने दुनिया की आर्थिक चुनौतियों पर जताई चिंता, टेक्नोलॉजी को बताया उम्मीद

BRICS SUMMIT 2026: नई दिल्ली में चल रहे 18वें BRICS सम्मेलन के बिजनेस फोरम में वैश्विक अर्थव्यवस्था और व्यापार को लेकर अहम चर्चा हुई। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने दुनिया के मौजूदा राजनीतिक और आर्थिक हालात का जिक्र करते हुए कहा कि वैश्विक व्यवस्था इस समय बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। वहीं केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने BRICS देशों के बीच व्यापारिक सहयोग को और आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

विदेश मंत्री ने कहा कि आज दुनिया के सामने अस्थिरता, अनिश्चितता और जटिलता जैसी स्थितियां लगातार बनी हुई हैं। भू-राजनीतिक संघर्षों और युद्धों के अलावा महामारियों तथा जलवायु परिवर्तन ने भी आर्थिक मोर्चे पर मुश्किलें बढ़ाई हैं। इन परिस्थितियों के कारण वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में एक तरफ कई जोखिम मौजूद हैं, तो दूसरी ओर नए अवसर भी बन रहे हैं।

बदलती दुनिया में तकनीक बनेगी ताकत

जयशंकर ने वैश्विक चुनौतियों के बीच तकनीकी विकास और डिजिटलाइजेशन को आर्थिक प्रगति के लिए अहम बताया। उन्होंने कहा कि तकनीक में तेजी से हो रहा बदलाव विकास और उत्पादकता के नए अवसर पैदा कर रहा है।

विदेश मंत्री के मुताबिक, आने वाले समय में उन देशों और संगठनों को फायदा मिलेगा, जो बदलती परिस्थितियों को पहले से समझने और उनके अनुसार अपनी रणनीति तैयार करने में सक्षम होंगे। उन्होंने तकनीकी बदलावों के साथ खुद को ढालने और सही समय पर प्रतिक्रिया देने की क्षमता को भी जरूरी बताया।

BRICS की वैश्विक अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका

फोरम में पीयूष गोयल ने BRICS की आर्थिक ताकत का आंकड़ों के जरिए उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि BRICS में दुनिया की करीब आधी आबादी शामिल है और यह समूह वैश्विक GDP का लगभग 40 फीसदी हिस्सा कवर करता है। इसके साथ ही दुनिया के कुल व्यापार में BRICS देशों की हिस्सेदारी करीब 25 फीसदी है।

पीयूष गोयल ने कहा कि भारत BRICS के आपसी व्यापार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इंजीनियरिंग सामान, इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मास्यूटिकल्स के क्षेत्र में भारत की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत पहचान है। उन्होंने कहा कि भारत को दुनिया की ‘फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड’ के रूप में भी पहचाना जाता है।

भारतीय उत्पादों के लिए बाजार खोलने की अपील

केंद्रीय मंत्री ने BRICS देशों और उनके साझेदार देशों से भारतीय उत्पादों के लिए अपने बाजारों को और ज्यादा खोलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि व्यापार को आसान बनाने के लिए रेगुलेटरी प्रक्रियाओं को सरल किया जाना चाहिए।

पीयूष गोयल के मुताबिक, नियमों और प्रक्रियाओं को आसान बनाने से भारतीय उत्पादों की क्लीयरेंस और डिलीवरी में तेजी लाई जा सकेगी। इससे BRICS देशों के बीच व्यापार को बढ़ाने और भारत के उत्पादों की वैश्विक पहुंच को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

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