नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0 को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही सरकार ने मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग प्रमोशन स्कीम (MPMS) को भी अपग्रेड करने का फैसला लिया है। सरकार का मानना है कि इन फैसलों से भारत में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) को नई गति मिलेगी और देश वैश्विक सप्लाई चेन में अपनी स्थिति मजबूत कर सकेगा।
चिप निर्माण से आगे बढ़ेगा मिशन
भारत ने वर्ष 2021 में इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन की शुरुआत की थी, जिसका पहला चरण चिप निर्माण और पैकेजिंग इकाइयों को आकर्षित करने पर केंद्रित था। अब मिशन 2.0 के तहत केवल चिप मैन्युफैक्चरिंग ही नहीं, बल्कि चिप डिजाइन, फेब्रिकेशन, उन्नत तकनीक (Advanced Technology) और सेमीकंडक्टर इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी विकसित करने पर भी जोर दिया जाएगा।
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने इस मिशन के लिए 1.25 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। सरकार ने इस पहल की घोषणा पहले ही आम बजट में कर दी थी।
2030 तक 100 अरब डॉलर से अधिक का लक्ष्य
सरकार के अनुसार, ISM 2.0 के लागू होने से भारत का सेमीकंडक्टर बाजार वर्ष 2030 तक 100 से 115 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। पहले चरण के दौरान यह बाजार करीब 45 से 50 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। सरकार का लक्ष्य अगले कुछ वर्षों में उत्पादन क्षमता बढ़ाकर भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग का प्रमुख केंद्र बनाना है।
स्टार्टअप्स और हाई-टेक उद्योगों को मिलेगा लाभ
मिशन 2.0 से चिप डिजाइन, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर डिवाइस, ऑटोमेशन और हाई-टेक उद्योगों से जुड़े स्टार्टअप्स को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा स्मार्टफोन, इलेक्ट्रिक वाहन (EV), डेटा सेंटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), औद्योगिक इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमेशन जैसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों को भी इसका सीधा फायदा मिलेगा।
कैबिनेट ने कई अहम फैसलों पर लगाई मुहर
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट और आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) की बैठक में सात महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। इनमें वाराणसी की दो बड़ी अवसंरचना परियोजनाओं के अलावा सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 और मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय भी शामिल हैं।