नई दिल्ली: केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने रविवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) के 172वें स्थापना दिवस समारोह में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ सौ वर्षों से अधिक समय से CPWD देश के बुनियादी ढांचे के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और भारत के विकास में उसका योगदान उल्लेखनीय रहा है।
मनोहर लाल ने कहा कि CPWD ने देशभर में कई महत्वपूर्ण सरकारी संस्थानों, सार्वजनिक परिसंपत्तियों और प्रतिष्ठित भवनों का निर्माण किया है। बदलते समय के साथ अब विभाग की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि भारत की तेजी से बढ़ती इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरतों को पूरा करने के लिए CPWD को नवाचार, आधुनिक तकनीक और टिकाऊ निर्माण पद्धतियों को अपनाते हुए आगे बढ़ना होगा
गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही पर दिया जोर
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विभाग को हर परियोजना में गुणवत्ता, मजबूती और संरचनात्मक सुरक्षा के सर्वोच्च मानकों का पालन करना चाहिए। इसके साथ ही निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नागरिकों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए समयबद्ध और उच्च गुणवत्ता वाली परियोजनाओं का निर्माण प्राथमिकता होनी चाहिए।
‘SANKALP’ मंत्र के साथ आगे बढ़ने का आह्वान
मनोहर लाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि CPWD को ‘SANKALP’ के मंत्र के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने बताया कि SANKALP का अर्थ है—Speed (गति), Accessibility (सुगमता), Nek Niyat (नेक नीयत), Kartavya Nishtha (कर्तव्यनिष्ठा), Adoption of Technology (तकनीक को अपनाना), Lokhit (लोकहित) और Pardarshita (पारदर्शिता)।
उन्होंने कहा कि इन सिद्धांतों के आधार पर ऐसा नागरिक-केंद्रित बुनियादी ढांचा विकसित किया जाना चाहिए, जो लंबे समय तक देश की जरूरतों को पूरा कर सके और विकास की नई इबारत लिखे।