Haryana Natural Farming: (पंचकूला): हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पंचकूला में आयोजित ‘प्राकृतिक खेती संवाद कार्यक्रम’ में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने प्राकृतिक खेती को प्रदेश के कृषि भविष्य की नई दिशा बताते हुए कहा कि हरियाणा सरकार ‘विजन-2035’ के तहत किसानों की आय बढ़ाने और खेती को टिकाऊ बनाने के लिए कई अहम कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी ऐलान किया कि राज्य सरकार ‘हरियाणा प्रकृति’ नाम से एक ऐसा ब्रांड विकसित करेगी, जो वैश्विक स्तर पर हरियाणा और यहां के किसानों की नई पहचान बनेगा।
‘हरित क्रांति 2.0’ पर जोर
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्राकृतिक खेती भविष्य की जरूरत है और यह हरियाणा में ‘हरित क्रांति 2.0’ की मजबूत नींव रखेगी। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल खेती के तरीके में बदलाव नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।
प्राकृतिक खेती को मिलेगा बढ़ावा
सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्राकृतिक खेती देशभर में एक जनआंदोलन का रूप ले रही है। यह अभियान विकसित भारत के लक्ष्य के साथ-साथ प्रकृति और विकास के बीच संतुलन स्थापित करने का मजबूत आधार बन रहा है। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती को अपनाने और नई तकनीकों का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की।
विजन-2035 पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार ‘विजन-2035’ के तहत क्लस्टर आधारित प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही है। इसके साथ ही आधुनिक कृषि तकनीक, एग्री स्टार्टअप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित कृषि समाधान और फूड प्रोसेसिंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उनका कहना था कि इन पहलों से किसानों की आय बढ़ाने के साथ कृषि क्षेत्र को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाया जाएगा।
‘हरियाणा प्रकृति’ बनेगा नया ब्रांड
उन्होंने ने कहा कि राज्य सरकार ‘हरियाणा प्रकृति’ के नाम से एक ऐसा ब्रांड विकसित करेगी, जो वैश्विक स्तर पर हरियाणा और यहां के किसानों की नई पहचान बनेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य हरियाणा के प्राकृतिक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाना है, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य और नए अवसर मिल सकें।