जकार्ता: इंडोनेशिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान बिंतांग अदिपूर्ण ऑफ द रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशिया से सम्मानित किया है। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने जकार्ता में आयोजित विशेष समारोह में इसकी घोषणा की।
सम्मान को बताया देशवासियों का गौरव
सम्मान ग्रहण करने के बाद पीएम मोदी ने कहा कि यह सम्मान सिर्फ उनका नहीं बल्कि 140 करोड़ भारतवासियों का सम्मान है। उन्होंने कहा, “आज सुबह मुझे बहुत स्नेह और आदर के साथ इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान दिया गया है। ये सम्मान इंडोनेशिया के लोगों की भावनाओं का है, भारत और इंडोनेशिया के ऐतिहासिक और आत्मीय संबंधों का है। मैं राष्ट्रपति प्रबोवो, इंडोनेशिया की सरकार और यहां की जनता का आभार व्यक्त करता हूं।”
पीएम मोदी ने याद दिलाया कि पिछले वर्ष भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में राष्ट्रपति सुबियांतो मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि उनके आत्मीय निमंत्रण पर इंडोनेशिया आकर उन्हें बहुत खुशी हो रही है।
रक्षा और समुद्री सुरक्षा में नई शुरुआत
पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत-इंडोनेशिया की साझेदारी में सुनहरे अध्याय की शुरुआत हो रही है, जिसका 21वीं सदी की दुनिया पर गहरा सकारात्मक असर पड़ेगा। दोनों देशों के बीच रक्षा आदान-प्रदान, आपदा प्रबंधन और रक्षा उद्योग के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है।
समुद्री सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। अब भारत और इंडोनेशिया के तटरक्षक बल हिंद महासागर में मिलकर गश्त करेंगे। दो समुद्री देशों के तौर पर दोनों ने नीली अर्थव्यवस्था, बंदरगाहों के विकास और समुद्री व्यापार को बढ़ावा देने पर भी सहमति जताई है।
स्वास्थ्य और जन कल्याण पर जोर
बैठक में जन कल्याण को प्राथमिकता दी गई। पीएम मोदी ने कहा कि गरीबी दूर करना और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचाना दोनों देशों का साझा लक्ष्य है। भारत ने अपनी मध्याह्न भोजन योजना और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अनुभव इंडोनेशिया के साथ साझा किए हैं।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी अहम समझौता हुआ है। इसके तहत अब इंडोनेशिया के नागरिकों को अच्छी गुणवत्ता वाली और सस्ती भारतीय दवाएं आसानी से मिल सकेंगी। साथ ही भारत इंडोनेशिया के डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने में सहयोग करेगा।
पीएम मोदी ने भरोसा जताया कि आपसी भरोसे से दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत होंगे।