ब्रह्मोस से अस्त्र मिसाईल तक, PM मोदी की इंडोनेशिया यात्रा में हुए ये बड़े समझौते

जकार्ता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो दिवसीय इंडोनेशिया यात्रा के दौरान भारत और इंडोनेशिया के बीच रक्षा, समुद्री सुरक्षा, खनिज, अंतरिक्ष, स्वास्थ्य और संस्कृति समेत कई क्षेत्रों में 20 अहम समझौते हुए हैं। मंगलवार को जकार्ता में पीएम मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई, जिसके बाद ज्वाइंट स्टेटमेंट जारी किया गया।

इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में पीएम मोदी का प्रेसीडेंशियल पैलेस पर पारंपरिक तरीके से भव्य स्वागत किया गया। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने प्रोटोकॉल तोड़कर खुद पीएम मोदी की आगवानी की। इस दौरान पीएम मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। इसके बाद दोनों नेताओं ने प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत की।

रक्षा और समुद्री सुरक्षा में बड़ी सहमति

बैठक में रक्षा सहयोग सबसे अहम मुद्दा रहा। दोनों देशों ने इंडोनेशियाई सैन्य बलों को ब्रह्मोस मिसाइलों की सप्लाई पर सहयोग करने पर सहमति जताई। इसके अलावा इंडोनेशिया ने भारत से हवा से हवा में मार करने वाली ‘अस्त्र’ मिसाइलों का आयात करने का भी फैसला किया है। समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने पर भी दोनों देशों ने जोर दिया। भारत और इंडोनेशिया ने सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सबांग बंदरगाह को साथ मिलकर विकसित करने का निर्णय लिया।

यह बंदरगाह मलक्का स्ट्रेट के काफी करीब स्थित है और भारत की प्रस्तावित ग्रेट निकोबार बंदरगाह परियोजना से लगभग 100 मील की दूरी पर है। बैठक में हिंद महासागर क्षेत्र में सूचना साझा करने वाले केंद्र IFC-IOR में इंडोनेशियाई संपर्क अधिकारी की तैनाती पर भी सहमति बनी, जिससे रियल-टाइम समुद्री जानकारी साझा करने में सुधार होगा।

आर्थिक, खनिज और तकनीकी सहयोग

आर्थिक मोर्चे पर महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति शृंखला को सुदृढ़ करने, इस्पात, निकल और दुर्लभ स्थायी चुंबकों के निर्माण में निवेश करने पर सहमति बनी। इस संबंध में मिनरल्स और स्टील सप्लाई चेन की टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सहयोग के लिए MoU पर हस्ताक्षर हुए।रेयर अर्थ मैग्नेट के विकास के लिए नॉन-फेरस मैटेरियल्स टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट सेंटर, मिडवेस्ट लिमिटेड और PT PERMINAS के बीच MoU हुआ।

स्टील क्षेत्र में स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया और Pt. क्राकाताउ स्टील के बीच इंडोनेशिया में स्टेनलेस-स्टील स्लैब बनाने की सुविधा शुरू करने के लिए रणनीतिक जॉइंट वेंचर पर सहमति बनी।डिजिटल क्षेत्र में ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स और इंडोनेशिया ओपन नेटवर्क के बीच सहयोग का समझौता हुआ। टेलीकम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी और सेवाओं, रिसर्च, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में भी सहयोग के लिए MoU साइन किए गए।

अन्य क्षेत्रों में समझौते

शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए बाहरी अंतरिक्ष की खोज और उसके इस्तेमाल में सहयोग के लिए फ्रेमवर्क समझौते का विस्तार किया गया। स्वास्थ्य के क्षेत्र में मेडिकल उत्पादों के नियमन के लिए CDSCO और BPOM के बीच MoU हुआ। हेल्थ वर्कफोर्स सहयोग पर भी कार्यान्वयन व्यवस्था पर सहमति बनी।कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों में सहयोग के लिए MoU साइन हुआ। भारत ने इंडोनेशिया को 100 टन उच्च गुणवत्ता वाले DWR 162 गेहूं के बीज की आपूर्ति करने का भी फैसला किया।

आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी और इंडोनेशिया की नेशनल एजेंसी फॉर डिजास्टर मैनेजमेंट के बीच MoU हुआ।सांस्कृतिक और शैक्षिक कूटनीति के तहत टैगोर-देवान्तारा वर्ष मनाने, योग्याकार्ता में प्रम्बानन मंदिर परिसर के संरक्षण और जीर्णोद्धार में भारत की मदद, और इंडोनेशिया के सिंघासारी SEZ में IIM बैंगलोर का कैंपस स्थापित करने पर भी सहमति बनी। भारत के चुनाव आयोग और इंडोनेशिया के जनरल इलेक्शन कमीशन के बीच भी MoU हुआ।इन समझौतों से भारत-इंडोनेशिया के सामरिक और आर्थिक संबंधों को नई मजबूती मिलेगी।

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