चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कारगिल विजय दिवस के अवसर पर कारगिल युद्ध के अमर शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा को श्रद्धांजलि अर्पित की। CM ने कहा कि देश ऐसे वीर सपूतों के बलिदान की वजह से ही सुरक्षित है। सीएम नायब सैनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर शहीद को याद किया।
उन्होंने लिखा, “कारगिल विजय के अमर नायक, ‘परमवीर चक्र’ से सम्मानित वीर शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा जी के बलिदान दिवस पर उन्हें लाखों-लाख नमन और भावपूर्ण श्रद्धांजलि।”उन्होंने आगे लिखा कि कैप्टन बत्रा की शहादत हर भारतीय के दिल में देशभक्ति की भावना को मजबूत करती है।
अदम्य शौर्य हर भारतीय के लिए प्रेरणा
सीएम सैनी ने कहा कि कैप्टन बत्रा का अडिग साहस, अदम्य शौर्य और राष्ट्र की रक्षा के लिए दिया गया सर्वोच्च बलिदान हर भारतीय के लिए प्रेरणा का स्रोत है। “मातृभूमि की रक्षा के लिए उनका समर्पण और तिरंगे की आन-बान-शान के लिए की गई कुर्बानी आज भी देशवासियों के दिलों में देशभक्ति की ज्वाला प्रज्वलित करती है। ऐसे वीरों की गाथाएं आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करती रहेंगी”।पोस्ट के अंत में CM सैनी ने ‘जय हिंद’ के साथ सभी शहीदों को नमन किया।
कौन थे ‘शेरशाह’ कैप्टन विक्रम बत्रा
उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश के पालमपुर निवासी कैप्टन विक्रम बत्रा को कारगिल युद्ध में उनकी वीरता के कारण ‘शेरशाह’ के नाम से भी जाना जाता है। 7 जुलाई 1999 को द्रास सेक्टर की 5140 चोटी पर दुश्मनों से भीषण युद्ध करते हुए 24 वर्ष की आयु में वह शहीद हो गए थे। युद्ध के दौरान उनका प्रसिद्ध उद्घोष ‘ये दिल मांगे मोर’ आज भी युवाओं में जोश भरता है। अद्वितीय वीरता और सर्वोच्च बलिदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें मरणोपरांत देश का सर्वोच्च सैन्य सम्मान ‘परमवीर चक्र’ से सम्मानित किया था।