सीएम रेखा गुप्ता का बड़ा फैसला, दिल्ली में सर्दियों के लिए 3 महीने की सख्ती; पुराने वाहनों पर लगेगा बैन

cm Rekha Gupta

नई दिल्ली: सर्दियों में हवा खराब होने से पहले ही दिल्ली सरकार अलर्ट मोड में आ गई है। प्रदूषण रोकने के लिए सरकार ने ‘Winter Pollution Master Plan’ लागू करने का ऐलान किया है। 1 नवंबर से 31 जनवरी तक राजधानी में कई कड़े नियम चलेंगे।

अगर तुम रोजाना दिल्ली आते-जाते हो या NCR में रहते हो तो ये खबर ध्यान से पढ़ो। इस बार सरकार ने गाड़ियों, पार्किंग, दफ्तर और निर्माण सब पर लगाम लगाई है।

बाहरी राज्यों की पुरानी गाड़ियों पर रोक

1 नवंबर से 31 जनवरी तक दिल्ली के बाहर रजिस्टर BS-VI से नीचे के वाहनों को शहर में आने की इजाजत नहीं होगी। मकसद साफ है – पुराने वाहनों का धुआं सर्दियों में सबसे ज्यादा नुकसान करता है। हालांकि राहत की बात ये है कि CNG, इलेक्ट्रिक गाड़ियों, एंबुलेंस, फायर और पुलिस वाहनों को इस बैन से बाहर रखा गया है।

गाड़ी पार्क करना पड़ेगा महंगा

लोगों को अपनी कार कम निकालने के लिए मजबूर करने के लिए सरकार ने पार्किंग फीस दोगुनी कर दी है। ये नियम सभी अधिकृत पार्किंग पर लागू होगा। सिर्फ DMRC की मेट्रो पार्किंग को इसमें छूट मिली है। उम्मीद है कि लोग अब मेट्रो और बस जैसे सार्वजनिक साधनों को चुनेंगे।

ऑफिस में आधी टीम, बाकी घर से काम

ट्रैफिक घटाने के लिए सरकारी और निजी कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि वो एक बार में सिर्फ 50% स्टाफ को ऑफिस बुलाएं। बाकी को वर्क फ्रॉम होम देना होगा। लेकिन अस्पताल, पुलिस, बिजली-पानी जैसी जरूरी सेवाओं में काम करने वालों को रोजाना ऑफिस आना पड़ेगा।

PUC नहीं तो पेट्रोल भी नहीं

अब पूरे साल बिना वैध PUC सर्टिफिकेट के किसी भी पंप पर फ्यूल नहीं मिलेगा। चाहे पेट्रोल हो, डीजल, CNG या LPG। जिन वाहनों के कागज पूरे नहीं होंगे उन पर कार्रवाई भी होगी। सरकार का मानना है इससे सड़क पर चल रही बिना जांच वाली गाड़ियां कम होंगी।

निर्माण और कचरा जलाने पर कड़ी पाबंदी

1 नवंबर से 31 जनवरी तक धूल उड़ाने वाले तोड़-फोड़ और खुले निर्माण पर रोक रहेगी। बड़ी साइट्स को मिस्ट सिस्टम लगाना जरूरी होगा। इसके साथ ही खुले में कचरा, पत्ते या प्लास्टिक जलाने पर पूरी तरह बैन है। नियम तोड़ने पर व्यक्ति के साथ संस्था पर भी जुर्माना लगेगा।

ड्रोन से होगी चौकसी

प्रदूषण पर नजर रखने के लिए ड्रोन की मदद ली जाएगी। RWA, सोसाइटी और सभी सरकारी विभागों को जिम्मेदारी दी गई है। सरकार ने साफ किया कि ये प्लान अब हर साल 1 नवंबर से 31 जनवरी तक अपने आप लागू हो जाएगा।

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