Amarnath yatra 2026:श्रीनगर : उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गुरुवार को जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से अमरनाथ यात्रा के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस जत्थे में 4,822 श्रद्धालु शामिल थे जो कड़ी सुरक्षा के बीच कश्मीर घाटी में पहुंच गए हैं।
नवयुग टनल से घाटी में दाखिल हुआ काफिला
जम्मू से रवाना हुआ यह काफिला काज़ीगुंड स्थित नवयुग टनल के रास्ते घाटी में दाखिल हुआ। यात्रा के दौरान पूरे रूट पर कई स्तरों की सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। राष्ट्रीय राजमार्ग पर पुलिस, अर्धसैनिक बल और ट्रैफिक कर्मियों की अतिरिक्त तैनाती की गई। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी रखी गई।
श्रीनगर में हुआ भव्य स्वागत
जैसे ही यात्री श्रीनगर पहुंचे, सिविल प्रशासन, जम्मू-कश्मीर पुलिस और स्थानीय लोगों ने उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। अधिकारियों ने फूलों का गुलदस्ता भेंट कर श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया। यह स्वागत घाटी में यात्रियों की औपचारिक एंट्री का प्रतीक बना।
सुरक्षा और सुविधाओं पर खास ध्यान
प्रशासन ने इस बार यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। पूरे यात्रा मार्ग पर मेडिकल कैंप, लंगर, शौचालय और ठहरने की व्यवस्था की गई है। आपदा प्रबंधन दल और मौसम विभाग की टीमें भी अलर्ट पर हैं। अधिकारियों ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
3 जुलाई से शुरू होगी 57 दिन की यात्रा
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने यात्रियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रशासन ने सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे पंजीकरण के बाद ही यात्रा पर आएं और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें। इस साल की अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 57 दिनों तक चलेगी। यात्रा पहलगाम और बालटाल दोनों पारंपरिक मार्गों से संचालित होगी।
अधिकारियों के अनुसार पहले जत्थे के बाद अब रोजाना नए जत्थे जम्मू से रवाना किए जाएंगे। घाटी में पहुंचे श्रद्धालुओं में बाबा बर्फानी के दर्शन को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है