जयपुर: राजस्थान के रेल नेटवर्क को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार और रेलवे ने राज्य को 5 बड़ी रेल परियोजनाओं की सौगात देने का फैसला किया है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से प्रदेश में यात्री सुविधाओं में बड़ा इजाफा होगा। साथ ही पर्यटन, व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे।
खाटूश्यामजी में बनेगा नया रेलवे स्टेशन
सबसे अहम घोषणा खाटूश्यामजी रेलवे स्टेशन को लेकर है। राजस्थान के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटूश्यामजी में नया रेलवे स्टेशन बनाया जाएगा। हर साल लाखों श्रद्धालु बाबा श्याम के दर्शन के लिए यहां आते हैं। अभी उन्हें सड़क मार्ग पर निर्भर रहना पड़ता है। नए स्टेशन से देशभर से आने वाले भक्तों की यात्रा आसान, तेज और आरामदायक हो जाएगी।
सिरोही समेत 5 नई रेल लाइनों को मिली मंजूरी
रेलवे जिन 5 प्रमुख परियोजनाओं पर काम कर रहा है उनमें मारवाड़ बागरा-जालोर-सिरोही-स्वरूपगंज नई रेल लाइन सबसे बड़ी है। करीब 96 किलोमीटर लंबी इस लाइन के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे को मंजूरी मिल चुकी है। इस लाइन के शुरू होने के बाद सिरोही जिला पहली बार सीधे भारतीय रेलवे नेटवर्क से जुड़ जाएगा।
दूसरी परियोजना बालोतरा-पचपदरा के बीच 11 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन है। इसका सर्वे कार्य पूरा हो चुका है। तीसरी परियोजना बिलाड़ा-रायस के बीच 58 किलोमीटर लंबी नई लाइन है। इसकी DPR करीब 850 करोड़ रुपये की लागत के साथ तैयार कर भेजी जा चुकी है।
करौली और सीमावर्ती क्षेत्रों को मिलेगा फायदा
चौथी परियोजना धौलपुर-गंगापुर सिटी रेल लाइन है जो करौली के रास्ते 145 किलोमीटर लंबी होगी। इससे करौली जिले को सीधी रेल कनेक्टिविटी मिलेगी।
पांचवीं परियोजना सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इसमें जैसलमेर-बाड़मेर-भीलड़ी 380 किलोमीटर और खाजूवाला-जैसलमेर 260 किलोमीटर रेल लाइन शामिल हैं। इन दोनों के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे जारी है। इनसे सीमा क्षेत्र की कनेक्टिविटी के साथ सैन्य और लॉजिस्टिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।
पर्यटन और रोजगार को मिलेगी नई गति
रेल अधिकारियों का कहना है कि नई रेल लाइनों से राजस्थान के धार्मिक, पर्यटन और औद्योगिक क्षेत्रों तक पहुंच आसान होगी। इससे माल ढुलाई तेज और सस्ती होगी, व्यापार को गति मिलेगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।