दिल्ली सरकार का डिजिटल कदम, 75% काम अब ई-ऑफिस से; 177 विभाग पेपरलेस

नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने प्रशासनिक कामकाज को तेज और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। पिछले एक साल में सरकार के 75 प्रतिशत से अधिक काम को ऑनलाइन ‘ई-ऑफिस’ मंच पर शिफ्ट कर दिया गया है। इस डिजिटल व्यवस्था से न केवल कागजी काम कम हुआ है, बल्कि फाइलों के निपटारे में भी तेजी आई है।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस लागू होने के बाद सरकारी दफ्तरों में कागज पर निर्भरता काफी कम हुई है और इससे शासन में पारदर्शिता बढ़ी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार की ई-ऑफिस प्रणाली को 1 जुलाई को एक साल पूरा हो जाएगा। इस एक साल की अवधि में 177 विभाग और लगभग 15,700 कर्मचारी इस मंच से पूरी तरह जुड़ चुके हैं।

विभागों में कितनी हुई प्रगति

मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा 13 अप्रैल 2026 तक जारी आंकड़ों के अनुसार, ई-ऑफिस को अपनाने में नियमित विभाग सबसे आगे हैं। सरकार के 132 नियमित विभागों में से 120 विभाग यानी लगभग 91 प्रतिशत अब नियमित रूप से ई-ऑफिस का उपयोग कर रहे हैं।

इसी तरह 55 सार्वजनिक उपक्रमों, बोर्ड, निगमों, आयोगों, समितियों और स्वायत्त व स्थानीय निकायों में से 36 यानी 65.5 प्रतिशत भी इस प्रणाली से जुड़ चुके हैं। शिक्षा के क्षेत्र में भी इसका असर दिख रहा है। 48 विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में से 21 संस्थानों ने यानी 43.8 प्रतिशत ने ई-ऑफिस को अपनाया है।

कुल मिलाकर देखें तो 235 विभागों और कार्यालयों में से 177 यानी 75.3 प्रतिशत कार्यालय अब नियमित रूप से ई-ऑफिस के माध्यम से ही सरकारी कामकाज कर रहे हैं। इसका मतलब है कि ये कार्यालय अब लगभग पेपरलेस हो चुके हैं।

कैसे काम करता है ई-ऑफिस

ई-ऑफिस’ एक ओपन सॉफ्टवेयर आर्किटेक्चर पर आधारित मंच है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इससे बड़ी संख्या में यूजर्स एक ही समय में विभागों के अंदर और अलग-अलग विभागों के बीच डिजिटल फाइलों को भेज और ट्रैक कर सकते हैं। इससे फाइल एक टेबल से दूसरी टेबल तक जाने में लगने वाला समय बचता है और काम बिना देरी के पूरा होता है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि नियमित सरकारी विभागों के साथ-साथ स्वायत्त निकायों और शैक्षणिक संस्थानों में भी इस सिस्टम को तेजी से लागू किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में शत-प्रतिशत कामकाज को ऑनलाइन किया जाए ताकि आम जनता को सरकारी सेवाएं बिना किसी परेशानी के मिल सकें

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