मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने संत कबीर कुटीर में आयोजित कबीर संध्या में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस मौके पर उन्होंने संत शिरोमणि कबीर दास जी को नमन करते हुए प्रदेशवासियों को संत कबीर जयंती की बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने कहा, “आज का यह दिन हमारे लिए पावन उत्सव के समान है। यह सबसे बड़े मार्गदर्शक, सामाजिक चेतना के अग्रदूत और अद्भुत संत शिरोमणि कबीर दास जी के विचारों को अपने जीवन में उतारने का दिन है।”
संत कबीर कुटीर में संतजनों और कबीर पंथियों का स्वागत करते हुए सीएम सैनी ने कहा कि संत कबीर भारतीय संस्कृति की ‘सर्वधर्म समभाव’ और ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ परम्परा के संवाहक और इतिहास के अनमोल रत्न हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने भी संत कबीर दास जी के विचारों को आधुनिक भारत की नींव बताया है।
‘सबका साथ, सबका विकास’ पर आधारित सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी हर योजना, हर नीति और हर निर्णय में संत कबीर दास जी की भावना बसती है। “हमने सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूल मंत्र पर चलते हुए समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए अनेक योजनाएं और नीतियां लागू की हैं।”
उन्होंने सरकार की प्रमुख पहलों का जिक्र करते हुए बताया कि अनुसूचित जातियों के कल्याण के लिए ‘हरियाणा राज्य अनुसूचित जाति आयोग’ का गठन किया गया है। साथ ही अनुसूचित जातियों को प्रथम व द्वितीय श्रेणी के पदों में 20 प्रतिशत आरक्षण भी प्रदान किया गया है।
मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि इसके तहत अनुसूचित जाति के गरीब परिवारों की बहन-बेटियों की शादी पर 71 हजार रुपये शगुन दिया जाता है। “अब तक 3 लाख 85 हजार बेटियों की शादी पर 1523 करोड़ रुपये की शगुन राशि दी जा चुकी है,” मुख्यमंत्री ने बताया।
संत परंपरा और जनसेवा की प्रतिबद्धता
सीएम सैनी ने कहा कि ‘संत-महापुरुष सम्मान एवं विचार प्रसार योजना’ के तहत संतों व महापुरुषों के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का काम किया जा रहा है। उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए इस निवास का नाम भी ‘संत कबीर कुटीर’ रखा गया है।
उन्होंने कहा, “यह संत परंपरा, लोक मंगल और जनसेवा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। संत कबीर कुटीर मुझे निरंतर प्रेरित करता है कि शासन का प्रत्येक निर्णय जनहित, जनसेवा और पारदर्शिता की भावना से लिया जाए।”