नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने राजधानी में चल रहे कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ कहा है कि छात्रों की जान और सुरक्षा से बड़ा कोई मुद्दा नहीं है। उन्होंने सभी कोचिंग संस्थानों को सुरक्षा मानकों को पूरा करने के लिए एक महीने की अंतिम समय सीमा दी है।
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा, “दिल्ली में कोचिंग संस्थानों की संख्या समस्या नहीं है। असली मुद्दा हमारे बच्चों की सुरक्षा और संरक्षा है। अभिभावक अपने बच्चों को पढ़ने के लिए भेजते हैं, यह सोचकर कि वे सुरक्षित हाथों में हैं। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि ऐसा ही हो।”
क्या करना होगा अनिवार्य
सरकार के निर्देश के अनुसार अब हर कोचिंग संस्थान के लिए फायर ऑडिट कराना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही फायर एक्सटिंग्विशर, इमरजेंसी एग्जिट, सीसीटीवी कैमरे और अन्य निर्धारित सुरक्षा उपकरण लगाना भी जरूरी होगा। जिन संस्थानों में ये सुविधाएं नहीं होंगी, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि एक महीने के भीतर नियमों का पालन न करने वाले संस्थानों को सील कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “समय बहुत कम है। संस्थानों को तुरंत अपनी कमियों को दूर करना होगा।”
छात्र करें शिकायत
सीएम रेखा गुप्ता ने छात्रों और अभिभावकों से भी सहयोग मांगा है। उन्होंने कहा कि अगर किसी को कोई कोचिंग संस्थान असुरक्षित लगता है तो वह तुरंत शिकायत कर सकता है। शिकायत मैसेज, ईमेल या हेल्पलाइन फोन के जरिए की जा सकेगी।
“मैं सभी छात्रों से अपील करती हूं कि वे सामने आएं। हर शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा और उस पर तुरंत कार्रवाई होगी। हमारी सरकार बच्चों की सुरक्षा के मामले में कोई समझौता नहीं करेगी,” सीएम ने कहा।
यह फैसला दिल्ली में हाल में सामने आई कोचिंग से जुड़ी दुर्घटनाओं और सुरक्षा में खामियों के बाद लिया गया है। सरकार का मानना है कि शिक्षा के साथ-साथ सुरक्षित माहौल देना भी उसकी जिम्मेदारी है। एक महीने बाद बड़े पैमाने पर निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा।