चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने कर्मचारियों और शिक्षकों की ट्रांसफर पॉलिसी में ऐतिहासिक बदलाव किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को कैबिनेट बैठक के बाद बताया कि आज कुल 15 एजेंडे रखे गए थे, जिनमें से 14 को मंजूरी मिल गई है।
हाई कोर्ट की आपत्ति के बाद बनी नई नीति
सीएम सैनी ने कहा कि मंजूर किए गए सबसे अहम एजेंडों में मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी 2026 और टीचर ट्रांसफर पॉलिसी 2026 शामिल हैं। ये नीतियां पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट की टिप्पणियों और हितधारकों से मिले फीडबैक के बाद तैयार की गई हैं। हाई कोर्ट ने पिछली व्यवस्था में उम्र को दिए गए 75% वेटेज और कम मेरिट पॉइंट्स पर चिंता जताई थी।
120 अंकों का नया स्कोरिंग सिस्टम लागू
मुख्यमंत्री ने बताया कि नई नीति के तहत अब कर्मचारियों के ट्रांसफर की रैंकिंग 120 अंकों के कंपोजिट स्कोरिंग फ्रेमवर्क से तय होगी। सबसे बड़ा बदलाव उम्र के वेटेज में किया गया है। पहले जहां उम्र को 75% वेटेज मिलता था, उसे अब घटाकर सिर्फ 25% कर दिया गया है।
अनुभव और विशेष परिस्थितियों को महत्व
सीएम सैनी ने कहा कि पेशेवर अनुभव और सेवा की निरंतरता को मान्यता देने के लिए कैडर में अनुभव का नया पैरामीटर जोड़ा गया है। इसे 25% वेटेज दिया गया है। साथ ही विशेष परिस्थितियों में लागू होने वाले विशेष कारकों का वेटेज 25% से बढ़ाकर 50% कर दिया गया है। इससे गंभीर बीमारी, दिव्यांगता या अन्य विशेष परिस्थितियों वाले कर्मचारियों को ट्रांसफर में प्राथमिकता मिलेगी।
2026 से लागू होगी नीति
सीएम सैनी ने कहा कि नीति ढांचे की पूरी समीक्षा हितधारकों का फीडबैक शामिल करके की गई है। नई व्यवस्था से ट्रांसफर प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और मेरिट को बढ़ावा मिलेगा। यह नीति 2026 से लागू होगी। सरकार का दावा है कि इससे कोर्ट की आपत्तियों का भी समाधान हो जाएगा।