नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज दिल्ली में श्री अमरनाथ जी यात्रा 2026 की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में गृह सचिव, आईबी प्रमुख, जम्मू-कश्मीर के डीजीपी, सीआरपीएफ, बीएसएफ, सेना और श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
मल्टी-लेयर सुरक्षा ग्रिड का आदेश
गृह मंत्री ने निर्देश दिए कि पहलगाम और बालटाल दोनों यात्रा मार्गों पर जम्मू-कश्मीर पुलिस, CAPF तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियों द्वारा मल्टी-लेयर सुरक्षा ग्रिड स्थापित किया जाए। संवेदनशील स्थानों, बेस कैंप और लंगरों पर अतिरिक्त बलों की तैनाती होगी। ड्रोन, सीसीटीवी और आरएफआईडी टैग से रियल टाइम निगरानी की जाएगी। आतंकी खतरों को देखते हुए रोड ओपनिंग पार्टी, एरिया डोमिनेशन और नाइट पेट्रोलिंग बढ़ाई जाएगी।
श्रद्धालुओं की सुविधा पहली प्राथमिकता
शाह ने कहा कि श्रद्धालुओं के पंजीकरण, आवास, टेंट, स्वास्थ्य सेवाओं और आपदा प्रबंधन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित हो। हर पड़ाव पर मेडिकल कैंप, ऑक्सीजन बूथ, कार्डियक एम्बुलेंस और डॉक्टरों की टीमें तैनात रहें। आपदा की स्थिति के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें अलर्ट मोड पर रखी जाएंगी।
मौसम देखकर ही आगे बढ़ेंगे जत्थे
गृह मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मौसम की स्थिति और आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुरूप ही श्रद्धालुओं के जत्थों को आगे बढ़ाया जाए। भूस्खलन या भारी बारिश की आशंका पर यात्रा तुरंत रोकी जाएगी। यात्रियों को मौसम की जानकारी एसएमएस और पब्लिक एड्रेस सिस्टम से दी जाएगी।
बुनियादी ढांचे पर जोर
बैठक में यात्रा मार्ग पर सड़क, बिजली, पानी, मोबाइल कनेक्टिविटी और शौचालय की व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा गया। हेलीकॉप्टर सेवाओं, बैटरी कार और पालकी व्यवस्था की भी समीक्षा हुई।
गृह मंत्री ने कहा कि केंद्र, जम्मू-कश्मीर प्रशासन और श्राइन बोर्ड बेहतर समन्वय से काम करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम यात्रा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस साल यात्रा के लिए रिकॉर्ड पंजीकरण की उम्मीद है।