वॉशिंगटन/तेहरान: मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। दो महीने पहले हुआ सीजफायर टूटने के बाद दोनों देश आमने-सामने हैं। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बड़ा और खतरनाक ऐलान कर दिया है।
क्या बोले डोनाल्ड ट्रंप?
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान के खार्ग द्वीप और तेल से जुड़े अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर पर कब्जा करेगा। उन्होंने दावा किया कि ईरान की नेवी, एयर फोर्स, रडार और एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम समेत ज्यादातर रक्षा क्षमता खत्म हो चुकी है। ट्रंप ने कहा, “आने वाले समय में हम खार्ग आइलैंड और तेल से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर पर कब्जा कर लेंगे। उनके तेल और गैस मार्केट पर पूरी तरह कंट्रोल करेंगे, ठीक वैसे ही जैसे हमने वेनेजुएला के मामले में किया।”
लगातार दूसरे दिन अमेरिकी एयरस्ट्राइक
अमेरिका ने ईरान पर लगातार दूसरे दिन बड़ा हमला किया है। होर्मुज से सटे मिनाब, इस्फ़हान और केशम द्वीप पर जबरदस्त एयरस्ट्राइक की गई। सबसे घातक हमला इस्फ़हान पर हुआ, जो ईरान का अहम इंडस्ट्रियल और मिलिट्री हब माना जाता है।
ईरान का काउंटर अटैक
अमेरिकी हमले के जवाब में ईरान ने भी खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी बेस को निशाना बनाया। बहरीन, जॉर्डन और कुवैत में ईरानी हमलों से भारी तबाही की खबर है।
होर्मूज स्ट्रे्ट बंद
जंग शुरू होते ही ईरान ने होर्मूज स्ट्रे्ट को पूरी तरह बंद कर दिया है। तेहरान ने चेतावनी दी कि अगर कोई जहाज यहां से निकलने की कोशिश करेगा तो उसे तबाह कर दिया जाएगा। इस फैसले के बाद कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। क्रूड ऑयल 95 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। पूरे मिडिल ईस्ट में हाई अलर्ट है।
फिर क्यों भड़की जंग?
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, ईरान द्वारा अमेरिकी हेलीकॉप्टर गिराए जाने और परमाणु डील पर बात न बनने के चलते ट्रंप ने हमले का आदेश दिया। बताया जा रहा है कि ट्रंप अपने प्रस्ताव पर ईरान के जवाब का दो हफ्ते से इंतजार कर रहे थे। जवाब न मिलने से नाराज होकर दबाव बनाने के लिए अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी।
फिलहाल खाड़ी क्षेत्र में हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। दोनों ओर से हमले जारी हैं और वैश्विक बाजार पर इसका असर दिखने लगा है।