रुद्रप्रयाग केदारनाथ यात्रा मार्ग पर मंगलवार देर रात बड़ा हादसा होते-होते टला। सोनप्रयाग-गौरीकुंड के बीच मुनकटिया क्षेत्र में अचानक लैंडस्लाइड से मुख्य मार्ग बाधित हो गया। इस दौरान SDRF और NDRF की संयुक्त टीम ने रातभर रेस्क्यू चलाकर 10,450 से ज्यादा श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाला।
रात 9:16 बजे मिली सूचना, तुरंत पहुंची टीम
DCR रुद्रप्रयाग को 9 मई 2026 की रात 9:16 बजे भूस्खलन की सूचना मिली। खबर मिलते ही उपनिरीक्षक आशीष डिमरी के नेतृत्व में SDRF सोनप्रयाग टीम जरूरी उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची। खराब मौसम, लगातार गिरता मलबा और हजारों की भीड़ के बीच हालात बेहद चुनौतीपूर्ण थे। लेकिन SDRF-NDRF ने सूझबूझ और साहस दिखाते हुए सड़क के दूसरी ओर फंसे सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित पार कराया।
सुबह तक बहाल हुआ मार्ग
पूरी रात चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद प्रशासन ने केदारनाथ यात्रा मार्ग पर आवागमन बहाल कर दिया है। फिलहाल यात्रा सुचारू रूप से चल रही है।
6.5 लाख से ज्यादा कर चुके दर्शन
रुद्रप्रयाग डीएम विशाल मिश्रा ने बताया कि अब तक 6.5 लाख से ज्यादा श्रद्धालु केदारनाथ धाम के दर्शन कर चुके हैं। आने वाले दिनों में यह संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि यात्रा के दौरान निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करें। कतार व्यवस्था बनाए रखें और पुलिस-प्रशासन का सहयोग करें। प्रशासन का कहना है कि सभी की सहभागिता से ही केदारनाथ यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाया जा सकता है।
उत्तराखंड में केदारनाथ यात्रा इन दिनों पूरे जोरों पर है। रोजाना हजारों श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।