मनोहर लाल ने US न्यूक्लियर एग्जिक्यूटिव मिशन के साथ की बैठक, India-US परमाणु ऊर्जा सहयोग को नई दिशा

चंडीगढ़/नई दिल्ली: हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सोमवार को अमेरिका के यूएस न्यूक्लियर एग्जिक्यूटिव मिशन के प्रतिनिधिमंडल के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह भी इस बैठक में शामिल हुए। में दोनों देशों के बीच परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने, वित्तीय लागत कम करने, निर्माण समय घटाने और लंबी अवधि के पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) पर विस्तृत चर्चा हुई।

परमाणु ऊर्जा को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाना जरूरी

मनोहर लाल खट्टर ने इस बैठक को बेहद उपयोगी बताते हुए कहा कि परमाणु ऊर्जा को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाने के लिए ये कदम जरूरी हैं। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट के जरिये बताया, “आज US Nuclear Executive Mission के प्रतिनिधियों के साथ डॉ. जितेंद्र सिंह जी के साथ बैठक की। चर्चा फाइनेंसिंग लागत घटाने, निर्माण समय कम करने और लंबे पीपीए पर केंद्रित रही।” उन्होंने जोर दिया कि सस्ती, विश्वसनीय और सुरक्षित ऊर्जा भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति का मूल है।

2047 तक 100 गीगावॉट परमाणु ऊर्जा का लक्ष्य

मनोहर लाल ने कहा कि भारत 2047 तक 100 गीगावॉट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस लक्ष्य को पूरा करने में अमेरिका के साथ मजबूत साझेदारी अहम भूमिका निभाएगी। बैठक में दोनों पक्षों ने परमाणु परियोजनाओं में सुरक्षा, सुरक्षा मानकों और नियामक निगरानी को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर सहमति जताई। भारत परमाणु ऊर्जा को स्वच्छ ऊर्जा मिशन का महत्वपूर्ण हिस्सा मानता है, जो 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन के लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेगा। यह बैठक भारत और अमेरिका के बीच परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ते सहयोग का हिस्सा है।

भारत में तेज होगी नए परमाणु प्लांट लगाने की गति

अमेरिका के साथ सिविल न्यूक्लियर डील के बाद कई परियोजनाएं चल रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि फाइनेंसिंग और समयसीमा की चुनौतियों को दूर करने से भारत में नई परमाणु प्लांट लगाने की रफ्तार तेज हो सकेगी। मनोहर लाल ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर परमाणु ऊर्जा को बढ़ावा देंगे, ताकि भविष्य में ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच भारत-अमेरिका की इस परियोजना को काफी अहम माना जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *