PM Modi Foreign Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 5-देशों के दौरे पर शुक्रवार को रवाना हो गए। उनकी इस यात्रा की पहली मंजिल संयुक्त अरब अमीरात (UAE) रही, जहां उन्होंने अबू धाबी पहुंचते ही गर्मजोशी से स्वागत का अनुभव किया। UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान स्वयं एयरपोर्ट पर पहुंचे और भारतीय प्रधानमंत्री का स्वागत किया।
इसके बाद UAE की सेना की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। दोनों नेताओं के बीच उच्च-स्तरीय द्विपक्षीय बैठक हुई, जिसमें रक्षा सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा, पेट्रोलियम रिजर्व और LPG सप्लाई जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों पर दस्तखत किए गए।
इन मुद्दों पर हुए हस्ताक्षर
दोनों देशों के बीच रणनीतिक रक्षा साझेदारी, सामरिक पेट्रोलियम भंडारण और LPG की नियमित आपूर्ति से संबंधित समझौते हुए। साथ ही, गुजरात के वडिनार में शिप रिपेयर क्लस्टर स्थापित करने के लिए भी MoU साइन किया गया। UAE ने भारत में 5 बिलियन डॉलर (लगभग 42,000 करोड़ रुपये) के निवेश की घोषणा की है। यह निवेश भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, RBL बैंक की क्रेडिट क्षमता बढ़ाने और हाउसिंग फाइनेंसर सम्मान कैपिटल में किया जाएगा।
व्यापार को 200 बिलियन डॉलर पहुंचाने का लक्ष्य
दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार पहले ही 85 बिलियन डॉलर के स्तर पर पहुंच चुका है और CEPA समझौते के तहत 2032 तक इसे 200 बिलियन डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य है। प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष की निंदा की और शांति स्थापना के लिए भारत के पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया। उन्होंने हाल में हुए ड्रोन हमलों में तीन भारतीयों के घायल होने की घटना का जिक्र करते हुए UAE की संयमित भूमिका की सराहना की। UAE में रह रहे लगभग 45 लाख भारतीयों की सुरक्षा और कल्याण पर भी चर्चा हुई।
यूएई के बाद इन देशों में जाएंगे पीएम मोदी
पीएम मोदी का यह दौरा UAE के बाद नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली में जारी रहेगा। यूरोपीय देशों में ऊर्जा, ग्रीन टेक्नोलॉजी, व्यापार, रक्षा और भारत-EU FTA के क्रियान्वयन पर फोकस रहेगा। यह यात्रा वैश्विक ऊर्जा संकट और भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा, निवेश आकर्षण और रणनीतिक साझेदारियों को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।