BRICS Summit 2026: दिल्ली में बैठक का आग़ाज़, जयशंकर ने किया सम्मेलन में आए विदेश मंत्रियों का स्वागत

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BRICS Summit 2026: भारत की अध्यक्षता में BRICS शिखर सम्मेलन का दिल्ली में आग़ाज़ हो चुका है। इसकी थीम “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” है। यह पूर्ण लीडर्स समिट नहीं, बल्कि विदेश मंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक है, जिसमें ग्लोबल और रीजनल मुद्दों पर चर्चा, ग्लोबल गवर्नेंस रिफॉर्म्स और BRICS@20 सेशन शामिल हैं। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर इसकी अध्यक्षता कर रहे हैं। इसमें शामिल हो रहे प्रतिनिधि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मिलेंगे।

ये हैं ब्रिक्स के सदस्य देश

ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, UAE ब्रिक्स के सदस्य देशों में आते हैं। वहीं इसके 10 पार्टनर देश भी हैं। इनमें बेलारूस, बोलीविया, क्यूबा, कजाकिस्तान, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान, वियतनाम।

अब तक दिल्ली पहुंचे प्रमुख प्रतिनिधि

  • रूस: विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव।
  • ईरान: विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची।
  • दक्षिण अफ्रीका: रोनाल्ड लामोला।
  • ब्राजील: मॉरो विएरा (या डेलिगेशन)।
  • इंडोनेशिया: विदेश मंत्री सुगियोनो।
  • UAE: मंत्री ऑफ स्टेट खलीफा शाहीन अल मरार।
  • क्यूबा: ब्रूनो रोड्रिगेज़ पररिला।
  • अन्य: मलेशिया, थाईलैंड, वियतनाम, नाइजीरिया, कजाकिस्तान आदि के डेलिगेशन/मंत्रियों के आने की खबरें।
    चीन: विदेश मंत्री वांग यी नहीं आ रहे (ट्रंप की बीजिंग यात्रा के कारण); चीनी राजदूत Xu Feihong प्रतिनिधित्व करेंगे।


इन मुद्दों पर होगी बैठक

बैठक में गाजा-फिलिस्तीन, ईरान-इजराइल तनाव, मल्टीटेरलिज्म रिफॉर्म (UN, WTO, IMF, World Bank), आर्थिक सहयोग, NDB, पिपुल-टू-पिपुल एक्सचेंज आदि पर फोकस है। ईरान संकट के बीच एनर्जी सिक्योरिटी और क्षेत्रीय स्थिरता चर्चा के केंद्र में हैं।

जयशंकर ने क्या कहा?
भारत की चेयरशिप लॉन्च के दौरान जयशंकर ने जोर दिया कि दुनिया जटिल चुनौतियों से गुजर रही है, इसलिए पुनर्जीवित, समावेशी और बहुपक्षवादी व्यवस्था की जरूरत है। UN, WTO, IMF, World Bank को समकालीन हकीकत के अनुरूप उत्तरदायी और समावेशी बनाना चाहिए। NDB को मजबूत करने, इंफ्रास्ट्रक्चर और सस्टेनेबल डेवलपमेंट के लिए भारत प्रतिबद्ध है।
BRICS@20 पर उन्होंने कहा कि यह प्लेटफॉर्म डायलॉग और डेवलपमेंट के लिए है। यह परस्पर सम्मान, संप्रभु समानता और सम्मान पर आधारित होना चाहिए। पीपुल-टू-पिपुल एक्सचेंज (यूथ, कल्चर, एजुकेशन, स्पोर्ट्स, टूरिज्म) पर जोर। थीम और लोगो में ट्रेडिशन व मॉडर्निटी का मेल, BRICS देशों के रंगों वाले पेटल्स एकता और विविधता दर्शाते हैं।

भारत BRICS को ग्लोबल साउथ की आवाज मजबूत करने, रिफॉर्म्स और इनक्लूसिव ग्रोथ के लिए इस्तेमाल कर रहा है। यह बैठक 2026 के फुल समिट की तैयारी है। कुल मिलाकर, यह वैश्विक अनिश्चितता के समय BRICS की यूनिटी और रिलीवेंसी को रेखांकित करती है।

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