Big decision by Delhi government: दिल्ली सरकार ने सरकारी खर्चों में कटौती और ईंधन बचाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता समेत मंत्रियों के काफिलों में शामिल गाड़ियों की संख्या कम कर दी गई है। सरकार का कहना है कि यह फैसला सादगी अपनाने और अनावश्यक खर्चों पर रोक लगाने के उद्देश्य से लिया गया है।
मुख्यमंत्री के काफिले में बड़ी कटौती
जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को जेड प्लस सुरक्षा प्राप्त है। पहले उनके काफिले में करीब 12 गाड़ियां शामिल रहती थीं, लेकिन अब इसे घटाकर सिर्फ 4 कर दिया गया है। वहीं मंत्रियों के काफिलों में भी अब अधिकतम दो गाड़ियों की ही अनुमति होगी। इन्हीं वाहनों में मंत्री, उनका निजी स्टाफ और सुरक्षा कर्मी यात्रा करेंगे।
मंत्रियों के काफिलों पर भी असर
दिल्ली सरकार के कुछ मंत्री पहले 3 से 4 गाड़ियों के काफिले के साथ चलते थे, लेकिन अब इस व्यवस्था में बदलाव किया गया है। सरकार का मानना है कि इससे न केवल ईंधन की बचत होगी बल्कि सरकारी खर्चों में भी कमी आएगी।
पीएम मोदी की अपील का दिखा असर
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 मई को हैदराबाद में एक रैली के दौरान सरकारी विभागों और आम लोगों से फिजूलखर्ची रोकने, ईंधन बचाने और सादगी अपनाने की अपील की थी। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईंधन संकट का जिक्र करते हुए उन्होंने पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने पर जोर दिया था।
मेट्रो और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा
प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन का अधिक इस्तेमाल करने, कारपूलिंग अपनाने और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की अपील भी की थी। इसके अलावा गैर-जरूरी यात्राओं से बचने और वर्क फ्रॉम होम को प्रोत्साहित करने की बात कही थी, ताकि विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम किया जा सके।
पीएम के काफिले में भी हुई कटौती
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद भी अपने काफिले में वाहनों की संख्या कम करने का निर्देश दिया है। हाल के गुजरात और असम दौरे में उनके काफिले में पहले की तुलना में कम वाहन नजर आए। साथ ही एसपीजी को काफिलों में इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं। पीएम की इस पहल का असर कई भाजपा शासित राज्यों में भी दिखाई देने लगा है।