Delhi News: दिल्ली सरकार के एंटी करप्शन ब्रांच (एसीबी) ने दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (एसटीपी) के विस्तार और उन्नयन से जुड़े टेंडर प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें दिल्ली के पूर्व जल मंत्री सत्येंद्र कुमार जैन भी शामिल हैं।
एसीबी ने मंगलवार को जारी बयान में बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सत्येंद्र कुमार जैन (पूर्व जल मंत्री, जीएनसीटीडी), उदित प्रकाश राय (आईएएस, पूर्व सीईओ दिल्ली जल बोर्ड), अंकित श्रीवास्तव (पूर्व कॉन्ट्रैक्चुअल कंसल्टेंट, दिल्ली जल बोर्ड), नागेंद्र यादव (प्रोप्राइटर एम/एस एएन एंटरप्राइजेज), राजा कुमार कुर्रा (ओनर एम/एस यूरोटेक एनवायरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड) और पंकज वर्मा (प्रोप्राइटर एम/एस सृजनहर) शामिल हैं।
2 साल पहले हुई थी FIR
यह मामला एसीबी पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर संख्या 10/2024 दिनांक 11 मई 2024 से संबंधित है। इसमें प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट, 1988 (2018 में संशोधित) की धारा 7, 7ए, 9, 13 के साथ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 409, 418 और 120बी के तहत मामला दर्ज किया गया है।
मामला दिल्ली सरकार के विजिलेंस निदेशालय की शिकायत पर दर्ज किया गया था। शिकायत में दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स के विस्तार और उन्नयन से जुड़े टेंडर प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं, टेंडर शर्तों में हेराफेरी और आपराधिक साजिश का आरोप लगाया गया था।
जांच में सामने आया घोटाले का जिन्न
जांच में सामने आया कि टेंडर प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन कर कुछ निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने की कोशिश की गई। आरोपियों पर भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश का आरोप है। एसीबी की कार्रवाई के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन पहले भी कई मामलों में गिरफ्तार हो चुके हैं। इस नई गिरफ्तारी से दिल्ली जल बोर्ड से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। एसीबी आगे की जांच जारी रखे हुए है और मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं।