नई दिल्ली: ऑपरेशन सिंदूर की प्रथम वर्षगांठ के अवसर पर देशभर में भारतीय सशस्त्र बलों के साहस और पराक्रम को याद किया गया। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भारतीय थल सेना, वायुसेना और नौसेना के वीर जवानों को नमन करते हुए कहा कि यह अभियान ‘नए भारत’ की दृढ़ इच्छाशक्ति और निर्णायक नेतृत्व का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को इस अभियान ने पूरी दुनिया के सामने मजबूती से प्रस्तुत किया।
भारतीय सेना की रणनीतिक क्षमता की सराहना
मनोहर लाल ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने भारतीय सशस्त्र बलों की उत्कृष्ट सामरिक क्षमता, रणनीतिक कौशल और अटूट संकल्प को साबित किया। उन्होंने कहा कि देश के जवान हर परिस्थिति में राष्ट्र रक्षा के लिए समर्पित भाव से डटे रहते हैं। उनका साहस, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि यह अवसर उन वीर सपूतों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का भी है, जो मातृभूमि की सुरक्षा के लिए दिन-रात सीमा पर तैनात रहते हैं।
देशवासियों से एकता बनाए रखने की अपील
उन्होंने देशवासियों से राष्ट्र की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के प्रति अपने संकल्प को और मजबूत करने की अपील की। मनोहर लाल ने कहा कि भारतीय सैनिकों का त्याग और राष्ट्रभक्ति आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी। अपने संदेश के अंत में उन्होंने माँ भारती के वीर जवानों को शत-शत नमन करते हुए “जय हिंद” का उद्घोष किया।