ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पूरे, भारतीय सेना ने चुन-चुनकर खत्म किए थे जैश के आतंकी

operation sindoor

नई दिल्ली: आज 7 मई को भारतीय सेना के चर्चित ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को एक साल पूरा हो गया। पिछले साल इसी दिन भारतीय सेना ने पहलगाम आतंकी हमले का करारा जवाब देते हुए पाकिस्तान और पीओके में मौजूद जैश-ए-मोहम्मद के 9 बड़े आतंकी ठिकानों पर सटीक एयर स्ट्राइक और मिसाइल हमले किए थे। इस कार्रवाई में कई खूंखार आतंकियों और जैश सरगना मसूद अजहर के करीबी रिश्तेदारों को मार गिराया गया था।

यूसुफ अजहर का खात्मा बना सबसे बड़ी सफलता

ऑपरेशन सिंदूर की सबसे बड़ी कामयाबी यूसुफ अजहर उर्फ उस्ताद गौरी के मारे जाने को माना गया। मसूद अजहर का साला यूसुफ वही आतंकी था, जिसने 1999 में इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट IC-814 के अपहरण में अहम भूमिका निभाई थी। वह बालाकोट स्थित जैश के बड़े आतंकी कैंप का प्रमुख था और उरी, पुलवामा तथा पठानकोट जैसे हमलों का मास्टरमाइंड माना जाता था। बहावलपुर में भारतीय सेना के मिसाइल हमले में उसे मार गिराया गया।

मरकज सुभान अल्लाह पर सबसे बड़ा हमला

भारतीय सेना ने जैश-ए-मोहम्मद के 18 एकड़ में फैले मुख्यालय ‘मरकज सुभान अल्लाह’ को भी निशाना बनाया। इस स्ट्राइक में जैश के वरिष्ठ नेता और मसूद अजहर के सबसे बड़े साले हाफिज मोहम्मद जमील तथा उसका बेटा हमजा जमील मारे गए। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक यह केंद्र आतंकियों की ट्रेनिंग और कट्टरपंथ फैलाने का सबसे बड़ा अड्डा था।

कई बड़े कमांडर भी हुए ढेर

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जैश के कई रणनीतिक कमांडर भी मारे गए। जैश के ऑपरेशनल चीफ अब्दुल रऊफ असगर का दत्तक पुत्र और वरिष्ठ कमांडर हुजैफा असगर अल्वी भी इस कार्रवाई में मारा गया। इसके अलावा कुख्यात आतंकी मुहम्मद अब्दुल अजीज के मारे जाने की भी पुष्टि हुई थी।

मुजफ्फराबाद कैंप पर सटीक स्ट्राइक

मुजफ्फराबाद स्थित ‘सैयदना बिलाल’ कैंप पर भारतीय सेना ने सटीक मिसाइल हमला किया था। इस हमले में हसन और वकास नाम के दो बड़े आतंकी मारे गए। हसन, जैश के कश्मीर डिवीजन प्रमुख मुहम्मद असगर खान कश्मीरी का बेटा था, जबकि वकास प्रशिक्षित स्नाइपर विशेषज्ञ माना जाता था। खुफिया रिपोर्ट्स के अनुसार दोनों जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ और आतंकी गतिविधियों की साजिश में शामिल थे।

भारत ने दिया था सख्त संदेश

ऑपरेशन सिंदूर को भारतीय सेना की सबसे सटीक और निर्णायक कार्रवाइयों में गिना जाता है। इस ऑपरेशन ने न केवल आतंक के कई बड़े चेहरों का सफाया किया, बल्कि भारत ने यह भी साफ कर दिया कि आतंकवाद के खिलाफ किसी भी हमले का जवाब अब सीधे और निर्णायक तरीके से दिया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *