हरदोई (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण में किसानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के लिए 12 जिलों के एक लाख से अधिक किसानों ने अपनी भूमि देकर विकास में योगदान दिया है। इस कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे
किसानों को ‘अन्नदाता’ बताते हुए आभार
मुख्यमंत्री ने उद्घाटन समारोह से पहले आयोजित सभा में कहा कि किसानों के सहयोग के बिना यह परियोजना समय पर पूरी नहीं हो सकती थी। उन्होंने सभी किसानों को “अन्नदाता” बताते हुए उनका आभार व्यक्त किया।
बड़ी भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी
सीएम योगी आदित्यनाथ ने बताया कि इस परियोजना के लिए लगभग 18,000 एकड़ भूमि अधिग्रहित की गई, जबकि इसके आसपास औद्योगिक क्लस्टर और लॉजिस्टिक्स केंद्र विकसित करने के लिए करीब 7,000 एकड़ भूमि अलग से चिह्नित की गई है।
विकास और रोजगार पर जोर
सीएम ने कहा कि यह एक्सप्रेसवे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा और औद्योगिक विकास तथा रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। उन्होंने इसे उत्तर प्रदेश की “आर्थिक रीढ़” बताते हुए कहा कि यह परियोजना क्षेत्रीय विकास को नई गति देगी।
समय पर पूरा हुआ प्रोजेक्ट
उन्होंने कहा कि इस परियोजना की आधारशिला दिसंबर 2021 में रखी गई थी और इसे तय समयसीमा के भीतर पूरा किया गया, जो राज्य सरकार की विकास प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
12 जिलों को जोड़ता एक्सप्रेसवे
यह एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज को जोड़ता है, जिससे यात्रा समय में बड़ी कमी आएगी और आवागमन अधिक तेज व सुरक्षित होगा।