नोएडा: नोएडा में मजदूरों के वेतन वृद्धि को लेकर जारी प्रदर्शन सोमवार को हिंसक हो गया। इस बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने हिंसा के पीछे साजिश की आशंका जताई है। औद्योगिक क्षेत्रों, खासकर नोएडा फेज-2 में मजदूर पिछले चार दिनों से सैलरी बढ़ाने और अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। मजदूरों का आरोप है कि उन्हें कम वेतन पर काम कराया जा रहा है, जिससे उनका गुजारा मुश्किल हो गया है।
सोमवार को हिंसक हुआ आंदोलन
सोमवार को प्रदर्शन अचानक उग्र हो गया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की और कई गाड़ियों में आग लगा दी। हालात काबू करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। पथराव और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं भी सामने आईं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
कुछ लोग अशांति फैलाने की साजिश कर रहे हैं
सीएम योगी आदित्यनाथ ने मुजफ्फरनगर में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में एनडीए की “डबल इंजन सरकार” नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सुरक्षा, सुशासन और विकास का मॉडल स्थापित कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि “कुछ लोग राज्य की शांति और समृद्धि को बाधित करने के लिए अशांति फैलाने की साजिश कर रहे हैं।”
मजदूरों से की अपील
मुख्यमंत्री ने औद्योगिक इकाइयों में काम कर रहे श्रमिकों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कोरोना काल का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने उस समय श्रमिकों की मदद के लिए विशेष इंतजाम किए थे और आगे भी उनके हितों के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रशासन सतर्क, स्थिति पर नजर
घटना के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात किया गया है और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों से दूर रहने और शांति बनाए रखने की अपील की है। फिलहाल हालात नियंत्रण में बताए जा रहे हैं, लेकिन इलाके में तनाव बना हुआ है।