नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि भारत ने अपने असैन्य परमाणु कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। तमिलनाडु के कलपक्कम परमाणु परिसर में स्वदेशी रूप से विकसित प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) ‘क्रिटिकल’ अवस्था में पहुंच गया है।
क्रिटिकल अवस्था क्या है?
क्रिटिकल’ अवस्था का अर्थ है कि रिएक्टर में परमाणु विखंडन की शृंखला प्रतिक्रिया अब स्व-संचालित हो जाती है, जो इसके सफल संचालन की दिशा में एक अहम चरण है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच X पर पोस्ट कर इसे देश के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि भारत के असैन्य परमाणु कार्यक्रम के दूसरे चरण को आगे बढ़ाने में निर्णायक साबित होगी।
ईंधन से अधिक ईंधन बनाने की क्षमता
उन्होंने बताया कि यह उन्नत रिएक्टर जितना परमाणु ईंधन उपयोग करता है, उससे अधिक ईंधन उत्पन्न करने में सक्षम है, जो भारत की वैज्ञानिक क्षमता और इंजीनियरिंग कौशल को दर्शाता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि देश के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के तीसरे चरणविशेष रूप से थोरियम भंडार के उपयोग की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इस सफलता पर वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को बधाई दी।
फास्ट ब्रीडर रिएक्टर क्या है?
फास्ट ब्रीडर रिएक्टर एक ऐसा परमाणु ऊर्जा संयंत्र होता है जो तेज न्यूट्रॉन का उपयोग कर बिजली उत्पादन के दौरान खपत हुए ईंधन से अधिक नया परमाणु ईंधन उत्पन्न करता है।