चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता और नाली व्यवस्था को मजबूत बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे गांवों के तालाबों और अपशिष्ट जल नालियों की नियमित और समयबद्ध सफाई सुनिश्चित करें, ताकि आवासीय क्षेत्रों में जलभराव और बदबू जैसी समस्याओं से बचा जा सके।
तालाबों में बदबू रोकना आवश्यक
हरियाणा तालाब और अपशिष्ट जल प्रबंधन प्राधिकरण की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि तालाबों में बदबू नहीं होनी चाहिए और ग्रामीण तथा आवासीय क्षेत्रों में जलभराव की समस्या को जड़ से समाप्त किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सफाई, गाद हटाने और नाली निर्माण का कार्य मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार किया जाए, ताकि पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।
आधुनिक तकनीक और सौंदर्यीकरण पर ध्यान
मुख्यमंत्री ने तालाब निर्माण और आधुनिकीकरण में आधुनिक तकनीक के उपयोग का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि केवल स्वच्छता ही नहीं, बल्कि तालाबों और उनके आसपास के क्षेत्रों की सुंदरता बढ़ाने पर भी ध्यान देना आवश्यक है। सैनी ने यह भी कहा कि ग्रामीण इलाकों में जलभराव और गंदगी को रोकने के लिए तालाबों के जल प्रबंधन और नाली व्यवस्था को मजबूत करना प्राथमिकता होनी चाहिए।
अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश
इस अवसर पर अधिकारियों से कहा गया कि तालाबों और नालियों की निगरानी नियमित रूप से की जाए और सभी कार्य समय पर पूरे किए जाएं। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण विकास के लिए इन पहलों को महत्व देते हुए कहा कि स्वच्छता और जल प्रबंधन से न केवल स्वास्थ्य में सुधार होगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों का सौंदर्य और जीवन स्तर भी बढ़ेगा।
बैठक में अधिकारियों ने तालाबों की सफाई, अपशिष्ट जल नालियों के रखरखाव और ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव नियंत्रण के लिए अपनी रणनीतियों का विस्तार से विवरण प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह इन योजनाओं को शीघ्र और प्रभावी रूप से लागू करें।