शिमला: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में मौसम की गतिविधियां तेज होने की चेतावनी जारी की है। ऊंचे इलाकों में ताजा बर्फबारी शुरू हो गई है, जबकि निचले क्षेत्रों में ओलावृष्टि, गरज-चमक के साथ तेज हवाएं और बिजली गिरने की संभावना है। कई इलाकों में बारिश भी हुई है। इससे ठंड बढ़ गई है।
लाहौल-स्पीति जिले में हल्की से मध्यम बर्फबारी जारी है, जिससे केलांग, काजा और उदयपुर क्षेत्रों में वाहन यातायात प्रभावित हुआ। सुरक्षा कारणों से कुछ सड़कों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं। चंबा, कुल्लू और किन्नौर के उच्च क्षेत्रों में भी बर्फबारी दर्ज की गई। शिमला, मंडी और कुल्लू जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां सोमवार को ओलावृष्टि, गरज-चमक, 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और बिजली गिरने की आशंका है।
इन जिलों में येलो अलर्ट
उना, बिलासपुर, हमीरपुर और चंबा सहित कई जिलों में येलो अलर्ट है। IMD के अनुसार, बारिश और बर्फबारी का यह सिलसिला 4 अप्रैल तक जारी रह सकता है। 29 और 30 मार्च को गतिविधियां चरम पर पहुंचने की संभावना है, जबकि 3-4 अप्रैल को फिर से बढ़ोतरी हो सकती है।
इन जगहों पर हुई बारिश
पिछले 24 घंटों में कई जगहों पर हल्की-मध्यम बारिश दर्ज की गई। सोलन में सबसे ज्यादा 18.4 मिमी बारिश हुई। शिमला, मंडी, कांगड़ा और कुल्लू में भी हल्की बारिश और ओले पड़े, जिससे तापमान में तेज गिरावट आई। शिमला का अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे रहा।
यह मौसम प्रणाली पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से सक्रिय हुई है। इससे बागवानी और कृषि फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है, खासकर ओलावृष्टि से। पर्यटन स्थलों पर सड़क यातायात और यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
IMD के वरिष्ठ वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा ने कहा कि 31 मार्च के बाद गतिविधियां थोड़ी कम हो सकती हैं, लेकिन अप्रैल की शुरुआत में फिर बारिश-बर्फबारी संभव है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा टालने और सुरक्षित स्थान पर रहने की अपील की है।