नई दिल्ली: रेखा गुप्ता ने कहा कि राजधानी में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए तीन बड़े सरकारी अस्पतालों को मिलाकर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) जैसा संस्थान बनाया जाएगा। इस योजना के तहत गुरु तेग बहादुर अस्पताल, दिल्ली राज्य कैंसर संस्थान और राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल को एकीकृत कर एक स्वायत्त चिकित्सा निकाय बनाया जाएगा।
क्या होगा फायदा
सरकार के अनुसार इस कदम से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर होगी और एमबीबीएस व पीजी सीटों में बढ़ोतरी होगी, जिससे अधिक डॉक्टरों को विशेषज्ञ प्रशिक्षण मिल सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्थानों के विलय से संकाय, बुनियादी ढांचे और उन्नत चिकित्सा उपकरणों का बेहतर उपयोग संभव होगा, जिससे छात्रों को बेहतर प्रशिक्षण और मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा।
विभागों का होगा एकीकरण
तीनों अस्पतालों के अलग-अलग विभागों को एक साथ जोड़ा जाएगा, जिससे संसाधनों और मानव संसाधन के बिखराव की समस्या दूर होगी और मेडिकल मानकों के अनुसार पीजी सीटों में स्वतः वृद्धि हो सकेगी।
IHBAS को NIMHANS-2 बनाने की योजना
सरकार मानव व्यवहार एवं संबद्ध विज्ञान संस्थान को दूसरे राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं तंत्रिका विज्ञान संस्थान (NIMHANS-2) के रूप में विकसित करने के प्रयास भी कर रही है। इस पहल से दिल्ली में स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल शिक्षा दोनों क्षेत्रों में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।