नई दिल्ली: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को राज्यसभा में कहा कि भारत पश्चिम एशिया में शांति, संवाद और कूटनीति की ओर लौटने का पक्षधर है। उन्होंने जोर देकर कहा कि तनाव कम करना, संयम बरतना और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।
भारतीय समुदाय की सुरक्षा
जयशंकर ने कहा कि क्षेत्र में रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा और कल्याण हमेशा सरकार की प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि भारत क्षेत्रीय देशों की सरकारों के साथ मिलकर काम करेगा और राष्ट्रीय हित, जैसे ऊर्जा सुरक्षा और व्यापारिक लक्ष्य, हमेशा सर्वोपरि रहेंगे।
ऊर्जा सुरक्षा और बाजार की स्थिति
विदेश मंत्री ने अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमले और इसके जवाब में ईरान द्वारा अमेरिकी ठिकानों और इजराइल पर हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भारतीय उपभोक्ताओं का हित हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता रहा है और आवश्यक होने पर भारतीय कूटनीति ने ऊर्जा कंपनियों के प्रयासों का समर्थन किया है।
पीएम मोदी पश्चिम एशिया की घटनाओं पर रखे हैं नजर
जयशंकर ने बताया कि प्रधानमंत्री लगातार पश्चिम एशिया की घटनाओं पर नजर रख रहे हैं। सरकार वहां फंसे भारतीयों को सुरक्षित वापस लाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
ईरान के विदेश मंत्री से की है बातचीत
विदेश मंत्री ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में ईरान के शीर्ष नेतृत्व से संपर्क करना चुनौतीपूर्ण है, हालांकि उन्होंने ईरान के विदेश मंत्री से बातचीत की है। जयशंकर ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत शांति, संयम और कूटनीति के माध्यम से क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने का पक्षधर है और आवश्यकतानुसार सभी कूटनीतिक प्रयास जारी रहेंगे।