नई दिल्ली: प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को कहा कि भारत और कनाडा ने वर्ष 2030 तक अपने द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने यह घोषणा भारत-कनाडा सीईओ मंच को संबोधित करते हुए की और कहा कि दोनों देश इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
व्यापार बढ़ाने पर जोर
प्रधानमंत्री ने बताया कि जनवरी से अक्टूबर 2025 के बीच भारत और कनाडा के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग आठ अरब डॉलर रहा। उन्होंने कहा, “हम अपने द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब डॉलर तक ले जाना चाहते हैं और उस दिशा में ठोस कदम उठा रहे हैं।” उनके अनुसार, यह लक्ष्य केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए नीतिगत और संरचनात्मक स्तर पर भी प्रयास किए जा रहे हैं।
सीईपीए को जल्द अंतिम रूप
पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों ने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने का निर्णय लिया है। उनका मानना है कि यह समझौता व्यापार और निवेश को नई गति देगा तथा दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग को और मजबूत करेगा।
वैश्विक आर्थिक दबाव के बीच अवसर
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि मौजूदा समय में वैश्विक आर्थिक व्यवस्था दबाव में है, लेकिन ऐसे कठिन दौर में भी भारत और कनाडा के उद्योगपतियों के बीच संवाद नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त कर सकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह मंच द्विपक्षीय व्यापार संबंधों के लिए एक ठोस खाका तैयार करने में सहायक होगा।
भारत की आर्थिक मजबूती
भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बताते हुए मोदी ने कहा कि मजबूत घरेलू खपत, बड़े पैमाने पर निवेश और डिजिटल अर्थव्यवस्था का विस्तार विकास दर को गति दे रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सुधारों पर लगातार ध्यान और कारोबार सुगमता में सुधार ने भारतीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दी है।
बुनियादी ढांचे में रिकॉर्ड निवेश
प्रधानमंत्री ने बताया कि सरकार ने 2026–27 के बजट में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 130 अरब अमेरिकी डॉलर का रिकॉर्ड आवंटन किया है। उनके अनुसार, यह निवेश भारत की दीर्घकालिक आर्थिक वृद्धि को और सुदृढ़ करेगा तथा वैश्विक निवेशकों के लिए नए अवसर पैदा करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारत और कनाडा के बीच बढ़ता आर्थिक सहयोग आने वाले वर्षों में दोनों देशों की साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।