नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को उद्योग जगत से निवेश और नवाचार के साथ आगे आने की अपील की और वित्तीय संस्थानों से कंपनियों को व्यावहारिक समाधान प्रदान करने तथा बाजार विश्वास को मजबूत करने में सहयोग देने का आग्रह किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने ‘विकसित भारत के लिए प्रौद्योगिकी, सुधार एवं वित्त’ विषय पर बजट के बाद आयोजित वेबिनार को संबोधित करते हुए कहा कि जब सरकार, उद्योग और ज्ञान क्षेत्र के लोग एक साथ आते हैं, तो सुधार परिणामों में बदलते हैं और कागज पर की गई घोषणाएं जमीन पर उपलब्धियों में तब्दील होती हैं।
उच्च पूंजीगत व्यय से निजी क्षेत्र को प्रोत्साहन
पीएम मोदी ने कहा कि सरकार ने पिछले दशक में अवसंरचना पर जोर दिया है। सार्वजनिक पूंजीगत व्यय 11 साल पहले दो लाख करोड़ रुपये था, जो केंद्रीय बजट 2026-27 में बढ़कर 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। यह उच्च पूंजीगत व्यय निजी क्षेत्र के लिए नए उत्साह के साथ आगे आने का संकेत है।
उन्होंने उद्योग जगत से 2026-27 के बजट की सभी घोषणाओं का लाभ उठाने और नए निवेश व नवाचार के साथ आगे बढ़ने का आग्रह किया। वित्तीय संस्थानों को व्यावहारिक समाधान तैयार करने और बाजार विश्वास बढ़ाने में सहयोग देने का भी आह्वान किया।
स्पष्ट ‘रिफॉर्म पार्टनरशिप चार्टर’ का सुझाव
प्रधानमंत्री मोदी ने सुझाव दिया कि सरकार, उद्योग, वित्तीय संस्थानों और शिक्षाविदों के बीच सहयोग सुनिश्चित करने के लिए एक स्पष्ट ‘रिफॉर्म पार्टनरशिप चार्टर’ विकसित किया जाना चाहिए। यह चार्टर 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनने के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण दस्तावेज साबित होगा। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि बजट केवल एक अल्पकालिक व्यापारिक दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह नीतिगत खाका है। इसलिए बजट की प्रभावशीलता का मूल्यांकन ठोस और सार्थक मानकों पर किया जाना चाहिए।