नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को मानसरोवर गार्डन स्थित एक सर्वोदय विद्यालय में नए स्कूल भवन खंड का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढांचे, डिजिटल सुविधाओं और सीखने के वातावरण को बेहतर बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
कई शैक्षणिक परियोजनाओं का उद्घाटन
मुख्यमंत्री ने मानसरोवर गार्डन में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) प्रयोगशाला तथा दिलशाद गार्डन में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डीआईईटी) का भी उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार का उद्देश्य दिल्ली सरकार के अधीन स्कूलों को गुणवत्ता, सुविधाओं और ढांचे के लिहाज से निजी स्कूलों के बराबर या उनसे बेहतर बनाना है।
सरकारी स्कूल अभिभावकों की पहली पसंद बनें
रेखा गुप्ता ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में वास्तविक सफलता तब मानी जाएगी, जब माता-पिता अपने बच्चों के लिए स्वेच्छा से सरकारी स्कूलों को चुनेंगे। उन्होंने डिजिटल शिक्षा को सशक्त बनाने में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) की भूमिका की सराहना की।
पीपीपी से 101 कंप्यूटर लैब स्थापित
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘लाडली फाउंडेशन’ और ‘अमेरिकन इंडिया फाउंडेशन’ (एआईएफ) जैसी संस्थाओं के सहयोग से अब तक सरकारी स्कूलों में 101 कंप्यूटर लैब स्थापित की जा चुकी हैं और 2,000 से अधिक कंप्यूटर उपलब्ध कराए गए हैं।
स्मार्ट क्लासरूम पर सरकार का फोकस
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि शिक्षा में सार्थक बदलाव विज्ञापनों में नहीं, बल्कि कक्षा और प्रयोगशालाओं में दिखाई देता है। उन्होंने बताया कि सरकार कक्षाओं और आईसीटी सुविधाओं पर खर्च को प्राथमिकता दे रही है ताकि छात्रों के बीच डिजिटल अंतर को कम किया जा सके। उन्होंने बताया कि सरकार ने 7,000 स्मार्ट ब्लैकबोर्ड के लिए निविदा जारी कर दी है। अगले चार वर्षों में कक्षा 9 से 12 तक की लगभग 21,000 कक्षाओं में स्मार्ट बोर्ड लगाए जाएंगे, जिनके साथ पांच वर्षों के रखरखाव की गारंटी भी होगी।
छात्र-शिक्षक अनुपात में सुधार
शिक्षा निदेशक विदिता रेड्डी ने कहा कि मानसरोवर गार्डन स्थित स्कूल में नवनिर्मित भवन से 29 नई कक्षाएं जुड़ गई हैं। इससे छात्र-शिक्षक अनुपात 55:1 से घटकर लगभग 40:1 हो जाएगा। उन्होंने बताया कि डिजिटल शिक्षा को मजबूत करने के लिए स्कूल में एक कंप्यूटर लैब भी विकसित की जा रही है।