नई दिल्ली:प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को सदन में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव और विपक्ष के सवालों का तगड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि भारत आज विश्व में पैदा हो रही चुनौतियों के समाधान के लिए आशा की किरण बनकर उभरा है और दुनिया एक नयी वैश्विक व्यवस्था की ओर आगे बढ़ रही है।
भारत तेज़ी से कर रहा आर्थिक विकास
राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा का उत्तर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का तेज आर्थिक विकास और कम मुद्रास्फीति एक दुर्लभ संयोग है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति देश की मजबूत आर्थिक नीतियों और स्थिर शासन का परिणाम है।
यूरोपीय संघ के साथ ‘मदर ऑफ ऑल डील’
प्रधानमंत्री ने बताया कि हाल के वर्षों में भारत ने विश्व के नौ बड़े देशों के साथ व्यापार समझौते किए हैं। इनमें यूरोपीय संघ के 27 देशों के साथ हुआ एकमुश्त समझौता विशेष महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि जब विकसित देश स्वयं आगे बढ़कर किसी विकासशील देश के साथ व्यापार समझौता करते हैं, तो यह वैश्विक अर्थजगत के लिए बड़ा संकेत होता है।
भारत अब समाधान देने वाला देश
पीएम मोदी ने कहा भारत आज केवल चुनौतियों का सामना करने वाला देश नहीं है, बल्कि समाधान देने वाला देश बन चुका है। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि दुनिया दूसरे विश्व युद्ध के बाद बनी व्यवस्था की तरह एक नयी वैश्विक संरचना की ओर बढ़ रही है।
विपक्ष पर निशाना
अपने भाषण के दौरान विपक्षी दलों के सदस्यों के वॉकआउट पर टिप्पणी करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि एक समय ऐसा भी था जब कोई देश भारत के साथ समझौता करने नहीं आता था। आज यह बदलाव देश की आर्थिक सामर्थ्य और निर्माण गतिविधियों में आई तेज़ी के कारण संभव हुआ है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत विश्व मित्र और विश्व बंधु के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि वैश्विक मंचों पर भारत ‘ग्लोबल साउथ’ की आवाज़ बनकर नेतृत्व कर रहा है और भविष्य के अनुरूप ‘फ्यूचर रेडी’ व्यापार समझौते कर रहा है।
विकसित भारत का निर्णायक दौर
पीएम मोदी ने कहा कि 21वीं सदी का पहला एक-चौथाई हिस्सा पूरा हो चुका है और दूसरा चतुर्थांश विकसित भारत के निर्माण के लिए निर्णायक होगा। उन्होंने कहा कि देश न रुकने, न थमने और लक्ष्य प्राप्त करने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है।प्रधानमंत्री ने कहा कि जहां कई विकसित देश बुजुर्ग होती आबादी की समस्या से जूझ रहे हैं, वहीं भारत युवा होता जा रहा है। युवाओं की बढ़ती आबादी, उनकी प्रतिभा, संकल्प और सामर्थ्य देश की सबसे बड़ी ताकत है।
तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ता भारत
उन्होंने कहा कि एक समय भारत को कमजोर अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता था, लेकिन आज देश विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। अंतरिक्ष, विज्ञान, खेल और प्रौद्योगिकी सहित हर क्षेत्र में भारत आत्मविश्वास के साथ प्रगति कर रहा है।
राष्ट्रपति अभिभाषण का उल्लेख
प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में गरीबों, मध्यम वर्ग, किसानों, महिलाओं, युवाओं तथा विज्ञान और प्रौद्योगिकी के माध्यम से भारत के उज्ज्वल भविष्य की स्पष्ट झलक दिखाई देती है, जो सभी देशवासियों के लिए प्रेरणादायक है।