न्यूयॉर्क/वॉशिंगटन: भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मंगलवार को द्विपक्षीय चर्चा में व्यापार समझौते का स्वागत किया और महत्वपूर्ण खनिजों की खोज और खनन में सहयोग को औपचारिक रूप देने पर विचार-विमर्श किया। दोनों नेताओं के बीच यह मुलाक़ात भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील फाइनल होने के बाद हुई।
इन प्रमुख प्रमुख मुद्दों पर हुई वार्ता
बैठक के दौरान दोनों मंत्रियों ने व्यापार, ऊर्जा, परमाणु, रक्षा, महत्वपूर्ण खनिज और प्रौद्योगिकी सहित द्विपक्षीय सहयोग के एजेंडे पर व्यापक बातचीत की। जयशंकर ने बैठक के बाद सोशल मीडिया पर लिखा, “हमारे साझा हितों को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न तंत्रों की बैठकें शीघ्र आयोजित करने पर सहमति बनी।”
व्यापार समझौते का स्वागत
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रधान उप प्रवक्ता टॉमी पिगॉट के अनुसार, दोनों मंत्रियों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सहमति से हुए व्यापार समझौते का स्वागत किया। इस समझौते के तहत अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर लगने वाले जवाबी शुल्क को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करेगा।
ऊर्जा, खनिज और क्वाड सहयोग
बैठक में ऊर्जा सुरक्षा और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को औपचारिक रूप देने पर चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने क्वाड के माध्यम से द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग को बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की। अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो ने बैठक के बाद कहा कि उन्होंने जयशंकर के साथ नए आर्थिक अवसर खोलने और द्विपक्षीय खनिज सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
जयशंकर दो से चार फरवरी तक अमेरिका की यात्रा पर हैं। बुधवार को वह रुबियो द्वारा बुलाई गई महत्वपूर्ण खनिज मंत्रिस्तरीय बैठक में हिस्सा लेंगे। यह मुलाकात उसी दिन हुई जब ट्रंप के ‘ट्रुथ सोशल’ पर भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की घोषणा की गई थी