(नई दिल्ली): दिल्ली सरकार वायु प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण लगाने के उद्देश्य से कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान बंद की गई साझा टैक्सी सेवाओं को दोबारा शुरू करने पर विचार कर रही है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
वाहन प्रदूषण कम करने की तैयारी
अधिकारियों के अनुसार, राजधानी में वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए सरकार कई स्तरों पर कदम उठा रही है। इसी क्रम में स्वचालित वाणिज्यिक वाहन फिटनेस परीक्षण केंद्रों की संख्या बढ़ाई जा रही है, जिससे सड़कों पर चलने वाले वाहनों की नियमित जांच और उत्सर्जन मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
परिवहन नेटवर्क कंपनियों से होगी बैठक
सरकार बेहतर और किफायती यात्री सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए जल्द ही परिवहन नेटवर्क कंपनियों के साथ बैठक करेगी। अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली में पहले साझा टैक्सी सेवाएं उपलब्ध थीं, जिन्हें कोविड-19 महामारी के दौरान बंद कर दिया गया था। अब यात्रियों को सस्ती और सुविधाजनक यात्रा सुविधा देने के उद्देश्य से इन सेवाओं को फिर से शुरू करने पर विचार किया जा रहा है।
सड़कों पर वाहनों की संख्या घटाना लक्ष्य
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार की परिवहन नीति का मुख्य उद्देश्य सड़कों पर वाहनों की संख्या को कम करना है, साथ ही यह सुनिश्चित करना भी है कि यात्रियों को दैनिक यात्रा में किसी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने बताया कि सरकार ‘ओला’ और ‘उबर’ जैसी परिवहन नेटवर्क कंपनियों के साथ लगातार संपर्क में है।
महिला चालक और ई-वाहनों को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी बैठक में साझा टैक्सी सेवाओं को प्राथमिकता देने, महिला चालकों की भागीदारी बढ़ाने और निजी इलेक्ट्रिक वाहनों को टैक्सी सेवाओं से जोड़ने की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी। सरकार पर्यावरण के अनुकूल परिवहन सेवाओं को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दे रही है।
दीर्घकालिक और टिकाऊ परिवहन नीति
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के उपायों पर गंभीरता से विचार कर रही है कि कम वाहनों के माध्यम से अधिक यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और किफायती यात्रा सुविधा मिल सके। उनके अनुसार, यह नीति न केवल मौजूदा यातायात और प्रदूषण की समस्याओं का समाधान है, बल्कि दिल्ली के लिए एक दीर्घकालिक, टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन मॉडल की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।