(नई दिल्ली) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को विद्वान शिक्षाविद् और भारत रत्न महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि देश के शिक्षा जगत में उनका अतुलनीय योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, “मातृभूमि की सेवा में आजीवन समर्पित रहे भारत रत्न महामना पंडित मदन मोहन मालवीय को उनकी जयंती पर आदरपूर्ण श्रद्धांजलि।”
शिक्षा और राष्ट्रीय चेतना में अहम भूमिका
पीएम मोदी ने कहा कि मालवीय जी ने गुलामी की जंजीरों को तोड़ने के लिए समाज सुधार और राष्ट्रीय चेतना को जागृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि मालवीय का योगदान न केवल शिक्षा के क्षेत्र में, बल्कि राष्ट्र निर्माण और सामाजिक जागरूकता में भी अमूल्य रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि दूरदर्शी शिक्षाविद् और समाज सुधारक के रूप में मालवीय को सदैव याद किया जाएगा। स्वतंत्रता आंदोलन में उनकी भूमिका और शिक्षा के प्रसार के लिए किए गए प्रयास आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे। उल्लेखनीय है कि बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के संस्थापक मदन मोहन मालवीय का जन्म वर्ष 1861 में हुआ था और वर्ष 1946 में उनका निधन हुआ।