(लखनऊ): केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने शनिवार को चिकित्सकों से आग्रह किया कि वे अब विदेश जाने के लिए सुविधाओं और आधारभूत ढांचे की कमी का बहाना न बनाएं। उन्होंने कहा कि देश में अब मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य संसाधनों की कमी नहीं है और विद्यार्थी पूरी तरह देश में उपलब्ध संसाधनों का लाभ ले सकते हैं।
स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने यह संदेश किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के 21वें दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों चिकित्सकों और संकाय सदस्यों को संबोधित करते हुए दिया। उन्होंने कहा कि अगर कोई विदेश जाना चाहता है तो जा सकता है, लेकिन यह न कहे कि हमारे पास सुविधाएं और आधारभूत ढांचा नहीं हैं।
चिकित्सा शिक्षा में देश का विकास
उन्होंने कहा कि 20वीं सदी के अंत तक भारत में केवल एक एम्स था और छात्र विदेश जाते थे क्योंकि सुविधाओं की कमी को लेकर शिकायत करते थे। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अब देश में 23 एम्स स्थापित किए गए हैं। इसलिए अब कोई छात्र यह बहाना नहीं दे सकता कि देश में सुविधाओं या आधारभूत ढांचे की कमी है।
विद्यार्थियों और शिक्षकों को बधाई
जेपी नड्डा ने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों की मेहनत और मानवता की सेवा को सम्मानित करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि केजीएमयू में काम करना सौभाग्य की बात है और विद्यार्थियों ने अपने हुनर और प्रतिबद्धता से असंभव को संभव कर दिखाया है।
मरीज की देखभाल और जिम्मेदारी
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मरीज को स्वस्थ बनाना आसान काम नहीं है। चिकित्सक के हाथों में जब कोई मरीज आता है तो वह अपने जीवन की सुरक्षा की उम्मीद लेकर आता है। उन्होंने विद्यार्थियों को मरीज की देखभाल में जिम्मेदारी और समर्पण का संदेश दिया। जेपी नड्डा ने कॉर्निया, लीवर और गुर्दा प्रतिरोपण जैसी उपलब्धियों की सराहना की और कहा कि संस्थान ने देश और दुनिया में मानवता की सेवा में योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि महामहिम राज्यपाल और कुलपति के निर्देशन में संस्थान ने विकास की दिशा में लंबी छलांग लगाई है।
मानवता की सेवा को प्राथमिकता
नड्डा ने नए चिकित्सकों से मानवता की सेवा को अपना मूल लक्ष्य बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश की चिकित्सा अवसंरचना और स्वास्थ्य सेवाएं लगातार मजबूत हो रही हैं। आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से करोड़ों लाभार्थियों को स्वास्थ्य लाभ मिल रहा है। केजीएमयू की कुलाधिपति और प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा की पूर्णता तभी है जब वह करुणा, सहानुभूति और सेवा भाव से जुड़ी हो। उन्होंने कहा कि चिकित्सक केवल औषधि नहीं देता, बल्कि भरोसा और संबल भी देता है, जो रोगी के जीवन की दिशा बदल सकता है। इस अवसर पर केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री और भाजपा उत्तर प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और राज्य सरकार के अन्य प्रमुख लोग उपस्थित रहे।