उडुपी (कर्नाटक): प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को श्री कृष्ण मठ में आयोजित कार्यक्रम में गीता के संदेश को राष्ट्र की सुरक्षा नीति से जोड़ते हुए जोर दिया कि अत्याचारियों का अंत शांति की स्थापना के लिए अनिवार्य है।
भगवद्गीता का संदेश और राष्ट्र नीति
प्रधानमंत्री ने ‘लक्ष कंठ गीता परायण’ में भाग लेने के बाद कहा कि भगवान श्री कृष्ण ने गीता का संदेश युद्धभूमि में दिया, और गीता सिखाती है कि सत्य और शांति के लिए अत्याचार का अंत आवश्यक है।उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा नीति इसी संतुलन पर आधारित है वसुधैव कुटुंबकम और धर्मो रक्षति रक्षितः दोनों समान रूप से महत्वपूर्ण हैं।
मिशन सुदर्शन चक्र और राष्ट्रीय सुरक्षा
पीएम मोदी ने कहा कि लाल किले से दिए गए संदेश करुणा और कठोरता दोनों को दर्शाते हैं। मिशन सुदर्शन चक्र का उद्देश्य देश के औद्योगिक और सार्वजनिक क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। यदि दुश्मन दुस्साहस करे, तो सुदर्शन चक्र उसे तबाह कर दे। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम आतंकी हमले का उल्लेख करते हुए कहा कि नया भारत न झुकता है और न ही अपने नागरिकों की सुरक्षा से पीछे हटता है।
गीता राष्ट्र नीति और कल्याण की दिशा
प्रधानमंत्री ने कहा कि गीता के उपदेश युगों-युगों से प्रासंगिक हैं और राष्ट्र की नीतियों को दिशा देते हैं। उन्होंने बताया कि सबका साथ, सबका विकास और गरीबों के उत्थान से जुड़ी योजनाएँ आयुष्मान भारत, पीएम आवास आदि भी गीता की प्रेरणा से संचालित होती हैं।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम: गीता से प्रेरणा
पीएम मोदी ने महिलाओं को 33% आरक्षण देने वाले नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उल्लेख करते हुए कहा कि यह निर्णय भी श्रीकृष्ण की नारी सम्मान की शिक्षा से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि भारत की वैश्विक नीतियाँ सोलर अलायंस, वैश्विक मैत्री, वसुधैव कुटुंबकम भी गीता के आदर्शों पर आधारित हैं।
प्रधानमंत्री द्वारा दिलाए गए ‘नौ संकल्प’
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने नागरिकों को नौ संकल्प दिलाए वह है जल संरक्षण, मां के नाम एक पेड़ लगाना, एक गरीब का जीवन सुधारने का प्रयास, स्वदेशी (वोकल फॉर लोकल) अपनाना, प्राकृतिक खेती बढ़ावा देना, स्वस्थ जीवनशैली, मिलेट अपनाना, कम तेल खाना, योग को जीवन का हिस्सा बनाना, पांडुलिपियों का संरक्षण, विरासत से जुड़े 25 स्थानों का दर्शन
उडुपी और गुजरात का सांस्कृतिक संबंध
मोदी ने कहा कि राम मंदिर आंदोलन में उडुपी का योगदान महत्वपूर्ण रहा है।उन्होंने बताया कि अयोध्या में बने राम मंदिर परिसर में जगद्गुरु माधवाचार्य के नाम पर एक विशाल द्वार बनाया गया है। साथ ही यह भी कहा कि श्री कृष्ण की यह प्रतिमा पहले गुजरात में माता रुक्मणी की पूजा में थी, बाद में माधवाचार्य ने इसे उडुपी में स्थापित किया।
सुवर्ण तीर्थ मंडप का उद्घाटन
प्रधानमंत्री ने नवनिर्मित सुवर्ण तीर्थ मंडप का उद्घाटन किया। पर्याय पुत्तिगे मठ के महंत सुगणेन्द्र तीर्थ स्वामीजी ने प्रधानमंत्री को रक्षा कवच पहनाकर एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया।