Naugam Police Station Blast: (नई दिल्ली): केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर के नौगाम पुलिस थाने में हुए जोरदार विस्फोट के मामले पर बयान जारी किया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि घटना के कारणों की जांच जारी है और इस पर किसी भी तरह की अटकलों से बचा जाना चाहिए। इस गंभीर स्थिति के मद्देनज़र गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव प्रशांत लोखंडे ने खुद हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में बयान जारी किया।
कैसे हुआ विस्फोट
लोखंडे ने बताया कि यह दुर्घटना 14 नवंबर की रात लगभग 11:20 बजे हुई। पुलिस स्टेशन परिसर में रखी गई भारी मात्रा में विस्फोटक और रासायनिक सामग्री में आकस्मिक विस्फोट हो गया। इस हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 27 पुलिसकर्मी, 2 राजस्व अधिकारी और 3 आम नागरिक घायल हुए। घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया और उनका इलाज जारी है। विस्फोट से पुलिस थाना की इमारत को गंभीर नुकसान पहुंचा और आसपास की कई इमारतें भी प्रभावित हुईं।
आतंकी मॉड्यूल और जब्त विस्फोटक
प्रशांत लोखंडे ने बताया कि हाल ही में नौगाम पुलिस स्टेशन ने एक पोस्टर के आधार पर एक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था। इसी जांच के दौरान भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की गई थी। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 360 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री फरीदाबाद से डॉ. मुज़म्मिल गनई के किराए के आवास से जब्त की थी। इस मॉड्यूल से जुड़े अन्य आठ लोगों को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है।
सावधानी और जांच प्रक्रिया
बरामद विस्फोटक अत्यधिक संवेदनशील और अस्थिर था। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने इसे सुरक्षित रूप से फोरेंसिक और रासायनिक जांच के लिए रखा था। लोखंडे ने कहा कि प्रक्रिया पिछले दो दिनों से लगातार चल रही थी और विशेषज्ञों की निगरानी में पूरी सावधानी बरती जा रही थी। इसके बावजूद एक आकस्मिक विस्फोट हो गया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले पर किसी तरह की अटकलें पूरी तरह निराधार हैं।
मरने वालों में एक दर्जी भी शामिल
कश्मीर पुलिस अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट इतना तेज था कि कई शवों की पहचान करना कठिन हो रही है। मृतकों में एक स्थानीय दर्जी भी शामिल है, जिसे विस्फोटक सामग्री ढकने के लिए कवर बनाने का काम सौंपा गया था। विस्फोट के दौरान उसकी भी मौत हो गई।
गृह मंत्रालय की प्रतिक्रिया
संयुक्त सचिव लोखंडे ने कहा कि सभी एजेंसियां समन्वित ढंग से और वैज्ञानिक प्रक्रिया का पालन करते हुए जांच कर रही हैं। सरकार मृतकों के परिवारों के साथ एकजुटता व्यक्त करती है और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करती है। उन्होंने जनता से भी अपील की कि इस मामले को लेकर किसी तरह की अटकलें न फैलाएँ। पुलिस ने बताया कि एफएसएल टीम विस्फोटक सामग्री के नमूने ले रही थी। जांच जारी है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि ऐसे संवेदनशील विस्फोटक पदार्थों के भंडारण और जांच में भविष्य में कोई चूक न हो।